
विकाश वैभव IPS और मनीष कुमार के ओजस्वी संबोधनों से युवाओं में फूटा राष्ट्रनिर्माण का संकल्प
श्रवण आकाश, खगड़िया अखिल विश्व गायत्री परिवार की युवा इकाई, प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ बिहार के तत्वावधान में गायत्री शक्तिपीठ, कंकड़बाग में आयोजित युवा चेतना, संस्कार जागरण एवं प्रेरणा कार्यक्रम सोमवार को भव्य, अनुशासित और ऊर्जा से ओतप्रोत वातावरण में संपन्न हुआ। पटना सहित आसपास के जिलों से पहुंचे सैकड़ों युवाओं, विद्यार्थियों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गायत्री मंत्र और दीप प्रज्वलन से हुआ। मंच पर अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया। आयोजन का मूल उद्देश्य युवाओं को संस्कारवान, चरित्रनिष्ठ, आत्मनिर्भर और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित नागरिक के रूप में गढ़ना रहा। पूरे परिसर में अनुशासन, सकारात्मकता और राष्ट्रप्रेम की सशक्त अनुभूति दिखाई दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार कैडर के चर्चित और प्रेरणास्रोत अधिकारी विकाश वैभव ने अपने ओजस्वी और विचारोत्तेजक संबोधन में कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि युवाओं को सही दिशा और मूल्य आधारित मार्गदर्शन मिल जाए, तो समाज की अनेक जटिल समस्याओं का समाधान स्वतः संभव है। उन्होंने अनुशासन, समय प्रबंधन, आत्मसंयम और चरित्र निर्माण को सफलता की आधारशिला बताया।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नकारात्मक प्रवृत्तियों, भटकाव और अल्पकालिक आकर्षणों से दूर रहकर जीवन का स्पष्ट लक्ष्य तय करें। केवल नौकरी और व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न रहकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझें तथा सेवा के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ बिहार के संस्थापक एवं मार्गदर्शक मनीष कुमार ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार का युवा आंदोलन केवल संगठनात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि संस्कार, साधना, सेवा और राष्ट्रनिष्ठा पर आधारित एक व्यापक जनआंदोलन है। उन्होंने नशामुक्त, अनुशासित और सेवा-प्रधान जीवन शैली को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि युग निर्माण मिशन युवाओं को आत्मिक, बौद्धिक और सामाजिक रूप से सशक्त बना रहा है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने युवाओं में बढ़ते भटकाव, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रप्रेम, आध्यात्मिक चेतना और नैतिक शिक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उपस्थित युवाओं ने गंभीरता से विचारों को सुना और उन्हें अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। समापन सत्र में अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री ज्ञान प्रकाश (व्यवस्थापक युवा प्रकोष्ठ), श्री लालबाबू (जोनल उप प्रभारी), श्री रामनाथ सिंह (अभिभावक गायत्री शक्तिपीठ), श्री निशांत रंजन, श्री प्रिंस रंजन, राजीव रंजन, अभिषेक, सचिदानंद सहित अनेक युवाओं की सक्रिय भूमिका रही। प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ बिहार ने भविष्य में भी ऐसे संस्कारोन्मुख, राष्ट्रसेवा से जुड़े कार्यक्रमों के सतत आयोजन का संकल्प दोहराया।

