बिहपुर (भागलपुर)। आस्था, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम शुक्रवार को बिहपुर प्रखंड में देखने को मिला। ऐतिहासिक रामजानकी ठाकुरबाड़ी, बिहपुर में 340वें वर्ष का पूजनोत्सव पूरे वैदिक विधि-विधान, श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। महंत नवलकिशोर दास के सान्निध्य में आयोजित इस ऐतिहासिक अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात तक प्रसाद ग्रहण करने और भंडारे में शामिल होने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।

ठाकुरबाड़ी परिसर में 48 घंटे तक चलने वाला अखंड रामधुन संकीर्तन भी श्रद्धा और उल्लास के बीच प्रारंभ हुआ, जिससे पूरा वातावरण “सीताराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। आयोजन की व्यवस्थाओं में मुखिया अरूणा देवी समेत स्थानीय श्रद्धालु सक्रिय भूमिका में दिखे। पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल रहा।
इधर, अमरपुर स्थित अति प्राचीन माँ भगवती मंदिर, अमरपुर में रामनवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महावीरी ध्वज स्थापना और पूजन के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर प्रांगण में विधिवत वार्षिक रामनवमी पूजन पंडित जी द्वारा संपन्न कराया गया। जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
प्रखंड के झंडापुर, बभनगामा, सोनवर्षा, मड़वा, हरियो, जयरामपुर, बिक्रमपुर, अमरपुर व लत्तीपुर सहित अन्य गांवों में स्थित हनुमान मंदिरों और विभिन्न पूजा स्थलों पर भी वार्षिक पूजन धूमधाम से मनाया गया। जगह-जगह भंडारा, संकीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
रामनवमी के इस पावन अवसर पर बिहपुर प्रखंड पूरी तरह भक्ति रस में डूबा नजर आया। आस्था के इस महासंगम ने एक बार फिर क्षेत्र की धार्मिक परंपरा और सामाजिक एकता की मिसाल पेश की।

