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ishika Gupta

बालिका दिवस शीर्षक- उड़ती हुयीं पतंगा हैं बेटियाँ

उड़ती पतंगा हैं बेटियाँ, माँ बाबा की दुलारी हैं बेटियाँ कड़कती धूप में शीतलता की छांव हैं बेटियाँ, फ़िजा हवाओं…

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अन्तर्राष्ट्रीय शिक्षा व महिला दिवस ….. कवि की अवधी भाषा में लिखे गये चार सवैया छंद देखें..

ढाइनु आखर प्रेम मा होत औ ढाइनु ही प्रभु सृष्टि बनाई।। ईश्वर की ही जौ सृष्टि सबै तौ भेद अकारथ…

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लोकनाथ ताण्डेय

बेटियाँ

सुन्दर और प्यारी,सबकी राजदुलारी,होती है बेटियाँ। फूलों-सी कोमल,लताओं-सी नाज़ुक,होती है बेटियाँ। हर काम में निपुण,हर क्षेत्र में आगे,होती है बेटियाँ।…

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प्यारेलाल साहू मरौद

नव संकल्प

मुश्किलों में मुस्कराऊंगा।गमों में भी गुनगुनाऊंगा।नव वर्ष में संकल्प मेरा।मैं किसी के काम आऊंगा।। नारी का सम्मान करूंगा।ईश्वर का गुणगान…

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