यू.एस.बरी

फिर तुझको मैं अपने बहुत करीब पाता हूँ

फिर तुझको मैं अपने बहुत करीब पाता हूँतेरी खूबसूरत आँखों मेंंतेरी मां का वीता हुआ अक्स पाता हूँ।तेरे ही लिए…

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सुधीर श्रीवास्तव

डा. राजेंद्र प्रसाद

जीरादेई सीवान बिहार मेंतीन दिसंबर अठारह सौ चौरासी में,जन्मा था एक लाल।दुनिया में चमका नाम उसका,थे वो बाबू राजेंद्र प्रसाद।।…

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मीरा मिश्रा

स्वतंत्रता-काव्य

जन मानस ह्रदय परम निर्भीक हो,दृष्टि गुणदर्शी मस्तक गर्वोन्नत हो ,मन-वचन-कर्म में एकत्व दरश हो,वाणी निःशंक हो, हृदय-तल की,गहराई का…

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