भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे ईशान किशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि क्लास कभी आउट ऑफ फॉर्म नहीं होती। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के पांचवें और अंतिम मुकाबले में बाएं हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने ऐसा तूफान खड़ा किया, जिसने चयनकर्ताओं के साथ-साथ आलोचकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया।

ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ईशान किशन ने अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक जड़ते हुए जोरदार वापसी का ऐलान किया। करीब दो साल बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर लौटे किशन ने बल्ले से ऐसा जवाब दिया, जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
43 गेंदों में 103 रन की आतिशी पारी
ईशान किशन ने महज 43 गेंदों पर 103 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में 6 चौके और 7 लंबे छक्के शामिल रहे। 239.53 की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की एक न चलने दी और मैदान के हर कोने में शॉट्स की बरसात कर दी। अंततः वे डैकब डफी की गेंद पर ग्लेन फिलिप्स को कैच थमा बैठे, लेकिन तब तक अपना काम कर चुके थे।
चयनकर्ताओं के लिए साफ संदेश
घरेलू क्रिकेट में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के जरिए फॉर्म में वापसी करने वाले ईशान किशन ने इस टी-20 सीरीज में भी उसी लय को बरकरार रखा। एक शतक और एक अर्धशतक के साथ उन्होंने यह जता दिया है कि टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में उन्हें नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
ईशान किशन की यह पारी न केवल उनकी व्यक्तिगत वापसी की कहानी कहती है, बल्कि भारतीय टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज और मध्यक्रम के विकल्पों को लेकर नई बहस को भी जन्म देती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता इस धमाकेदार दस्तक को किस नजर से देखते हैं।

