बिहपुर (भागलपुर)। सूबे की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह सोमवार देर रात करीब 12 बजे अचानक बिहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचीं। पटना से पूर्णिया जाते समय उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हुई, जिसके बाद उन्होंने सीएचसी में अपना ब्लड प्रेशर चेक कराने को कहा।

ड्यूटी पर तैनात एएनएम हेमा कुमारी ने जांच की तो मंत्री का बीपी 190/150 दर्ज किया गया। कुछ देर बाद मौजूद चिकित्सक डॉ. सैफुल्ला ने जांच की, जिसमें बीपी 150/80 बताया गया। दोबारा एएनएम द्वारा जांच करने पर फिर 190/150 ही रीडिंग सामने आई। रीडिंग में इस अंतर को लेकर मंत्री ने आशंका जताई कि डॉक्टर नशे की हालत में थे।

बताया जाता है कि कुछ देर रुकने के बाद मंत्री सीएचसी से निकल गईं और मामले की शिकायत वरीय अधिकारियों से की। रात करीब पौने दो बजे बिहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा डॉक्टर की तलाश में सीएचसी पहुंचे, लेकिन वे नहीं मिले।
मंगलवार को जांच, डॉक्टर को शोकॉज
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को नवगछिया के कार्यपालक दंडाधिकारी सुधीर कुमार, अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पिकेश कुमार तथा उत्पाद विभाग की टीम सीएचसी पहुंची। जांच के दौरान डॉ. सैफुल्ला अनुपस्थित मिले। अधिकारियों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मुरारी पोद्दार समेत अन्य कर्मियों से पूछताछ की।
डॉ. सैफुल्ला को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया गया है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और एएनएम से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। एएनएम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसकी प्रति जांच अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है।
घटना के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

