भागलपुर में पशुपालकों को उनके द्वार पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (MVU) की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब 1962 कॉल सेंटर को 24 घंटे और सातों दिन संचालित किया जाएगा, ताकि पशुपालक किसी भी समय अपने पशुओं के इलाज के लिए संपर्क कर सकें।
जिला जन-सम्पर्क कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई के चिकित्सक और कर्मी प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक सेवाएं देंगे। सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कॉल सेंटर पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर टीम गांवों में जाकर पशुओं का इलाज करेगी। वहीं दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित गांवों में पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।
नई व्यवस्था में पारदर्शिता पर भी विशेष जोर दिया गया है।
दवाइयों की खरीद, वितरण और उपयोग की निगरानी के लिए जिला स्तर पर समिति द्वारा नियमित जांच की जाएगी। प्रत्येक मोबाइल इकाई के लिए दवा खरीद की अधिकतम सीमा 35 हजार रुपये प्रति माह तय की गई है, जबकि ईंधन और वाहन मरम्मत के लिए 33 हजार रुपये प्रति माह की सीमा निर्धारित की गई है।
सेवाओं की निगरानी के लिए डैशबोर्ड आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की जाएगी। इसके साथ ही टेलीमेडिसिन सुविधा के जरिए पशुपालकों को मोबाइल पर ही दवा की पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी। बेहतर समन्वय के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों और चिकित्सकों का व्हाट्सऐप समूह भी बनाया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को तेज, पारदर्शी और सुलभ पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे पशुधन के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल हो सके और पशुपालन को बढ़ावा मिले।

