बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा ने कई पुराने चेहरों को बाहर रखते हुए नए नेताओं को मौका दिया। सबसे ज्यादा चर्चा बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल प्रभारी मंगल पांडेय को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने को लेकर हो रही है।
इसके अलावा पूर्व मंत्री सुरेंद्र मेहता और नारायण प्रसाद को भी इस बार कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया। तीनों नेता पिछली नीतीश कुमार सरकार में मंत्री पद संभाल चुके थे, लेकिन सम्राट सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में उनका नाम शामिल नहीं किया गया।
भाजपा के इस फैसले को पार्टी के भीतर बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने एक ओर जहां कई पुराने नेताओं को मंत्रिमंडल से बाहर रखा, वहीं दूसरी ओर नए चेहरों को मौका देकर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है।
भाजपा की नई सूची में मिथलेश तिवारी, रामचंद्र प्रसाद, कुमार शैलेन्द्र और नंदकिशोर राम जैसे नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पिछली सरकार में मंत्री पद से वंचित रहे नीतीश मिश्रा को भी इस बार सम्राट कैबिनेट में शामिल किया गया है।
राजनीतिक गलियारों में मंगल पांडेय को लेकर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि संगठन में उनकी भूमिका और मजबूत होगी। ऐसे में बिहार मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिलने के बाद संगठनात्मक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा अब मंगल पांडेय को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व उन्हें संगठन में अहम भूमिका सौंपने की तैयारी में है।
मंगल पांडेय लंबे समय से बिहार भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं। वह भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, बिहार भाजपा अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। संगठनसम्राट चौधरी सरकार के गठन के बाद यह पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार है। 15 अप्रैल को सरकार बनने के बाद अब तक सीमित मंत्रिमंडल के साथ सरकार काम कर रही थी। विस्तार के बाद अब भाजपा और जदयू दोनों ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों पर जोर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी जल्द किया जाएगा, जिसके बाद सम्राट सरकार पूरी क्षमता के साथ काम शुरू करेगी. मंगल पाण्डेय की मजबूत पकड़ और अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें सरकार की बजाय संगठन में बड़ी भूमिका देना चाहती है।
वहीं, मंत्रिमंडल से बाहर हुए अन्य नेताओं में बेगूसराय जिले की बछवाड़ा सीट से विधायक सुरेंद्र मेहता और पश्चिम चंपारण की नौतन सीट से विधायक नारायण प्रसाद शामिल हैं। पिछली सरकार में सुरेंद्र मेहता के पास डेयरी, मत्स्य एवं पशुपालन विभाग था, जबकि नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

