साहित्य
बनो पर्यावरण मित्र!
कहां गयी हरियाली मखमल?कहां नदिया का निर्मल जल? वन, जंगल, ऊंचे पर्वत, झील, झरने,डोलते, झूमते, बूंदों की सरगम सुनाते।। पेड़-पौधे,…
माँ की ममता
बाजार में खड़ी थी मैं,एक नन्ही बच्ची वहाँ आ गई।माँ, माँ कहकर अनायास ही मुझसे वह लिपट गई।।गुस्साई पल भर…
पुराना एक गीत ,,”आज का आनन्द,,पूना से दो बार शाए
हो शाम मदीने की भारत मे सुबूह करकेइस माटी मे सर अपना सजदो मे नुगू करकेमासूम मोहब्बत है ये इशक…
आज तन से मन पृथक
आज तन से मन पृथक,होकर विचरण कर रहा हैं।अनगिनत चलचित्र देखकर,मन में संशय हो रहा हैं। इस जगत में ढूंढता…
एक उम्र से जाग रहे है
चिठिया लिखकर तुम्हें हम परेशान कर रहे है।एक यही गुनाह बचा जो हम बार बार कर रहे है। मौसम की…
संध्या सुंदरी
चिड़िया लौट रही नीरछोड़ के नदियों के तीररात की रानी आ रहीचल पड़े बेचारे दिनसंध्या रानी वंदन करतीलेकर सरिता के…
भगीरथ-प्रयास
महाप्राण भगीरथ,गंगा धरा पर लाते,सगर-सुत गंगा से,मोक्ष मान पाते हैं। पूर्वज प्रभु राम के,भक्त राजा भगीरथ,करें आदि पिता ध्यान,वही ज्ञान…
आराम से भूल जाऊँगा।
हर लम्हा हर दिन मैं भूल जाऊँगा।चंद दिनों में मैं ख़ुदको भूल जाऊँगा। जो लोग मेरे पास रहकर भी मुझ…
“घोंसला बनाने वाले के हिस्से में तिनका”
चल भाई बंटवारा कर लें।आधा तुम, हम आधा धर लें। जो कुछ संपत्ति है, पुश्तैनी,आधा घर, और आधी नशैनी,बंटवारे की…

