साहित्य
मंगल पाण्डे
( 10 मई 1857 की क्रांति के महानायक क्रांतिकारी देशभक्त मंगल पांडे जी को समर्पित ) आओ सुनाऊ एक कहानी…
Read More »घटु ते भलुके जनमीं तुमहीं
घटु ते भलुके जनमीं तुमहीं ,घटहीं महिं वासि करौ तनि माईं । बनमा भटकीं प्रभुके सथवा ,पथु कै दुखवा मनवा…
Read More »दोहा-साथी
| सुख में साथी सब बने,दुख में बने न कोय|जो दुख में साथी बने ,मानों भगवन होय|| आज जमाना है…
Read More »मां
आंचल तेरा प्यार भरा,प्यारा सा अहसास लिए।तेरे इस आंचल के तले,धूप नहीं बस छांव मिले।। शब्द भी कम पड़ जाते,मां…
Read More »मां की ममता
कहूं कैसे मैंमाता की ममता कोकुछ शब्दों में बढ़ाती है जोसदा हौसला मेरामुसीबतों में कोसों दूर सेजान लेती है वो…
Read More »अम्मा
मां मम्मा , अम्मी अम्मा lअलग-अलग हैं मां के नाम llपर सबका है एक ही काम lमां ममता का सागर…
Read More »जब माँ की कोख में उसका अंश पलता है
जब माँ की कोख में उसका अंश पलता है ,माँ का तन ,मन ,रोम- रोम पिघलता हैकष्ट पीड़ा चुभन से…
Read More »मां
मां तुम बहुत प्यारी थी,मां तुम्हारी ममता प्यारी थी,मां तुम्हारी रोक -टोक करना अच्छा लगता था,मां उस वक्त हमारे साथ…
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मां
मां जननी है, जन्मभूमि है,मां ही सृष्टि आधार है,ममता,करुणा का रक्त पिलाकरदेती पोषाहार है,शब्दों रिश्तों का ज्ञान कराती,मां ही प्रथम…
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★☆★☆•••●🌹माँ🌹●•••☆★☆★
क्षण में तुम राधा बन, मधुवन में रास रचाती।क्षण में कैकयी बन, दशरथ पुत्र को ठुकराती।क्षण में सीता बन, रो-रो…
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