साहित्यकविता कानन

थक जाना मगर …

थक जाना मगर ।
रुक जाना नहीं ।
जिंदगी मै हार मानने की ।
कसम खाना नहीं।
भाग दौड़ ये जिंदगी है।
इससे तुम ऊब जाना नहीं।
राह मै रोड़े आएंगे बहुत।।
इससे तुम घबराना नहीं।
थक जाना मगर ।
रुक जाना नहीं।
जिंदगी मै हार मानने की।
कसम खाना नहीं।
चलते रहना तुम।
जिस राह पर चल रहे हो।
मिलेगी सफलता तुझे ।।
उसी राह पर।
कोशिश करने से तुम।
परेशान होना नहीं।।🙏🙏
नमन शेरे हिंदुस्तान बिपिन राउत!विनम्र श्रद्धांजलि 🙏🏼
साकेत रंजन भारती 🙏🏼

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