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‘घर-परिवार’ का महत्व बताकर मयंक वर्मा ‘निमिशाम्’ व डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी बने प्रथम विजेता

डॉ.शिव शरण श्रीवास्तव ‘अमल’ तथा गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’ ने पाया स्पर्धा में दूजा स्थान

इंदौर(मप्र)।

हिंदी लेखन को बढ़ावा,कोपलों को प्रोत्साहन और मातृभाषा हिंदी के सम्मान की दिशा में हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार के प्रयास सतत जारी हैं। इसी निमित्त ‘घर-परिवार’ (अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस) विषय पर स्पर्धा आयोजित की गई। इसमें क्रमशः मयंक वर्मा ‘निमिशाम्’ प्रथम व डॉ.शिव शरण श्रीवास्तव ‘अमल’ पद्य में द्वितीय विजेता बने हैं,जबकि गद्य में प्रथम विजेता बनने का सौभाग्य डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी को तथा द्वितीय गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’ को मिला है।
३१ वीं स्पर्धा के परिणाम जारी करते हुए मंच-परिवार की सह-सम्पादक श्रीमती अर्चना जैन और संस्थापक-सम्पादक अजय जैन ‘विकल्प’ ने यह जानकारी दी। आपने बताया कि,स्पर्धा के लिए अनेक प्रविष्टियों में से श्रेष्ठता अनुरुप चयन किया गया। तत्पश्चात विभिन्न बिन्दुओं पर चयन करके निर्णायक मंडल ने पद्य विधा में दिल्ली वासी मयंक वर्मा ‘निमिशाम्’ को प्रथम विजेता घोषित किया गया,साथ ही डॉ.शिव शरण श्रीवास्तव ‘अमल’ (बिलासपुर,छग)दूसरे विजेता रहे। इसी पद्य वर्ग में सुदामा दुबे(सीहोर,मप्र)ने तीसरा एवं गायत्री शर्मा ‘प्रीत'(कोरबा,छग)ने विशेष (चौथा) स्थान प्राप्त किया।

सम्पादक श्री जैन व सह-सम्पादक श्रीमती जैन ने बताया कि,स्पर्धा के अन्तर्गत गद्य श्रेणी में इस बार डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’ (इंदौर,मप्र) ने प्रथम स्थान (रचना-अम्मा) पाया,तो बीकानेर (राजस्थान) से गोवर्धनदास बिन्नाणी ‘राजा बाबू'(समय की आवश्यकता है संयुक्त परिवार) दूसरे विजेता रहे। इसी वर्ग में उप्र के रोहित मिश्र (उधार)ने तीसरा और महाराष्ट्र से शशि दीपक कपूर (घर-परिवारः जरूरत है एक बदले हुए नजरिए की)ने विशेष (चौथा) स्थान प्राप्त किया है।

१.३ करोड़ दर्शकों-पाठकों का अपार स्नेह पा रहे इस मंच की संयोजक सम्पादक प्रो.डॉ. सोनाली सिंह एवं मार्गदर्शक डॉ. एम. एल. गुप्ता ‘आदित्य’ ने सभी विजेताओं और सहभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं-बधाई देते हुए सहयोग के लिए सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया है।

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