कविता काननसाहित्य

** एक तीली माचिस की **

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जन्म से लेकर मृत्यु तक
काम आती है एक तीली माचिस की
सुख में दुख में हर क्षण काम आती है
एक तीली माचिस की ।
घर का चूल्हा जलने में भी काम आती है एक तीली माचिस की
पेट की आग बुझाने में भी काम आती है एक तीली माचिस की।
पूजा पाठ में हवन धूप अगरबत्ती
जलाने काम आती है एक तीली माचिस की।
अंतिम यात्रा में भी काम आती है
एक तीली माचिस की ।
मोमबत्तियां जलाई जाती है
काम आती है एक तीली माचिस की
अब वो हैप्पी बर्थडे हो या श्रद्धांजलि
काम आती है एक तीली माचिस की
माचिस की इस एक तीली को सम्हाल कर रखना होगा वरना
रिश्तों नातों को जलाकर खाक कर सकती है ये एक तीली माचिस की ।
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डॉ.मन्तोष भट्टाचार्य
मदर टेरेसा नगर , जबलपुर
(म.प्र)

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