वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी को क्यों दी गई Y+ की सुरक्षा?

विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) को अब वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिलेगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मुकेश सहनी को वीआईपी की सुरक्षा देने का फैसला लिया है. इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया है. अब मुकेश सहनी के साथ कम से कम 11 सुरक्षाकर्मी साथ में रहेंगे. अब सहनी के साथ सीआईएसएफ के जवान, साथ में दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और पुलिसकर्मी आदि रहेंगे. मंगलवार को यह खबर सामने आई है।

केंद्र की ओर से दी जाती है कई तरह की सुरक्षा

केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रावधानों के अनुसार वीवीआईपी और अन्य क्षेत्र के लोगों को कई अलग-अलग तरह की कैटेगरी की सुरक्षा दी जाती है. भारत में स्पेशल प्रोटक्शन ग्रुप (SPG) की सुरक्षा सबसे बड़ी होती है. इसमें कम से कम 52 सुरक्षाकर्मी होते हैं. यह कैटेगरी सिर्फ प्रधानमंत्री को दी जाती है. इसके बाद अन्य वीआईपी के लिए चार X, Y, Y+, Z और Z+ सुरक्षा मिलती है. जेड प्लस की सुरक्षा वीवीआईपी को दी जाती है. इसके अलावा संभावित खतरे का अनुमान होने पर वीआईपी या बड़े नेताओं को जेड या वाई + सुरक्षा दी जाती है.

वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी को क्यों दी गई सुरक्षा?

मुकेश सहनी की सुरक्षा को लेकर आईबी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. वीआईपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी के ऊपर संभावित खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ दिन पहले लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के प्रमुख चिराग पासवान को जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी थी. चिराग के साथ लगभग 22 सुरक्षाकर्मी बिहार में रहते हैं. हालांकि वाई सुरक्षा उन्हें पहले से मुहैया कराई गई है. जेड सुरक्षा सिर्फ बिहार में ही लागू है.

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