भागलपुर

काली मंदिर नवटोलिया में मारपीट के बाद दानपेटी से हजारों रूपीए की लूट, सीसीटीवी फुटेज में कैद सत्यता छिपाने के उद्देश्य से डीवीआर किया गायब ।।

काली मंदिर नवटोलिया में मारपीट के बाद दानपेटी से हजारों रूपीए की लूट, सीसीटीवी फुटेज में कैद सत्यता छिपाने के उद्देश्य से डीवीआर किया गायब ।।

  • मंदिर के पैसे पर है यहां के दबंगों की वर्षों से नजर
  • पंचायत के एक जनप्रतिनिधि द्वारा व्यक्तिगत स्वार्थसिद्धि के लिए जातिगत राजनीति फैलाकर गाँव का माहौल कर रहे अशांत
  • भवानीपुर ओपी पुलिस बनी मूकदर्शक, अभियुक्त से मिलकर घटना के चौथे दिन आवेदन लेकर कमिटी के सदस्यों पर भी केस किया दर्ज, गाँव मे तनाव
  • आठ नामजद समेत 20 अज्ञात पर मामला हुआ दर्ज

नवगछिया। नारायणपुर के भवानीपुर ओपी क्षेत्र अंतर्गत नवटोलिया गाँव के दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में विगत 16 अक्टूबर को गाँव के ही सुबोध मिश्र के पुत्र कुंदन मिश्र उर्फ अक्षय मिश्र समेत इनके परिवार वालों ने पैसे के लालच में आकर मंदिर में घुसकर कमिटी के साथ मारपीट कर बायजबरण मंदिर के दानपेटी का करीब 21 हजार रुपिया लूट लिया। मामले को लेकर मंदिर कमिटी के सदस्यों ने नवगछिया एसपी शुशांत कुमार सरोज से मिलकर घटना की जानकारी दी है। एसपी के निर्देश पर मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान करने का प्रयास किया जाता लेकिन बताया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने के पूर्व ही कुंदन ने मंदिर से सीसीटीवी का डीवीआर व सीपीयू समेत सारा सेट को गायब कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवानीपुर ओपीध्यक्ष रमेश कुमार साह ने उस पंचायत के एक जनप्रतिनिधि के इशारे पर अभियुक्त का सहयोग कर सीसीटीवी फुटेज गायब करने का पूरा समय दिया, जिस कारण अभियुक्त कुंदन ने सीसीटीवी में सत्यता के रूप में कैद मारपीट का फुटेज पुलिस के आने के पूर्व ही गायब कर दिया है। इधर मंदिर कमिटी के बमबम यादव ने बताया कि घटना के दिन ही स्थानीय थाने में आवेदन देने गया लेकिन थानाध्यक्ष ने टाल-मटोल कर उन्हें वापस लौटा दिया। अगले दिन नवगछिया एसपी के निर्देश पर भी थानाध्यक्ष ने मामला दर्ज नही किया। बताया जा रहा है कि घटना के दो दिन बाद 18 अक्टूबर को जानबूझकर कांड तब दर्ज किया गया जब डीवीआर गायब होते ही स्थानीय पुलिस मंदिर पहुंची तो देखा सीसीटीवी का सारा सेट ही गायब है। जो पूर्व सुनियोजित प्लान था। ज्ञात हो कि सुबोध मिश्र का परिवार पूर्व में भी वर्षो से मंदिर में चढ़ावे की रकम के साथ लाखों के जेवरात की बंदरबांट करते आ रहे हैं। वही जब ग्रामीणों द्वारा सर्वसम्मति से मंदिर कमिटी का गठन कर मंदिर की व्यवस्था दुरुस्त करना चाहते हैं तो बार-बार कुंदन मिश्र समेत इसके परिवार वाले अकारण कमिटी के लोगो से विवाद कर गांव का माहौल इसलिए खराब करने लगते है कि विवाद उत्पन्न करने से मंदिर कमिटी भंग हो जाए और फिर मंदिर पर उनका अधिपत्य कायम हो जाए। पूर्व में भी कुंदन के पिता सुबोध मिश्र ने इसी तरह का विवाद गांव में कई बार किया है। इस मंदिर पर 15 लाख के करीब प्रतिवर्ष चढ़ावा आता है जिसपर यहां के कुंदन मिश्र और इनके परिवार वालो की वर्षों से नजर है। पूर्व में कुंदन के परिवार वाले ही मंदिर में अपना अपना कूप छह दानपेटी लगाकर चढ़ावे का लाखों रुपिया खा गया है। वही इलाके में चर्चा है कि इस गाँव मे एक जनप्रतिनिधि द्वारा व्यक्तिगत स्वार्थसिद्धि के लिए जातिगत राजनीति फैलाकर गाँव का माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे है। ज्ञात हो कि मंदिर कमिटी में तीन ऐसे सदस्य है जो इस बार पंचायत चुनाव में मुखिया पद से खड़े हुए थे। और चुनाव बाद अब उस जनप्रतिनिधि के द्वारा नवटोलिया गाँव मे जातिगत विद्वेष फैलाकर आपसी भाईचारे को बिगाड़ रहे हैं। क्योंकि कमिटी में उस जनप्रतिनिधि का पांच लोग सदस्य बनकर कमिटी को भंग करने के लिए लड़ाई झगड़ा तक करवा रहे है सारा समाज जान रहा है कि नवटोलिया गाँव मे क्या राजनीत चल रही है और वही भवानीपुर ओपी पुलिस सत्यता पता कर कार्यवाई के बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं, जिस कारण गाँव मे तनाव व्याप्त है। क्योकि उस जनप्रतिनिधि के इशारे पर घटना के चौथे दिन बुधवार को भवानीपुर ओपी में अभियुक्त कुंदन मिश्र से आवेदन लेकर उल्टा केस कमिटी के लोगो पर दर्ज कर परेशानी में डाल दिया है। जबकि कमिटी द्वारा दानपेटी से मेले की तैयारी के लिए डेढ़ दर्जन लोगों की मौजुदगी में रूपीए निकाल रहे थे।
इस बारे में भवानीपुर ओपीध्यक्ष रमेश कुमार साह ने बताया कि दोनो तरफ से आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांचोपरांत कार्यवाई कर रही है।

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