साहित्यकविता कानन
मुक्तक
जगत दीवाना चाम का और दाम का।
कोई दीवाना पद प्रतिष्ठा नाम का।
हर कोई दुनिया में दीवाना दिखता।
कोई विरला यहाँ दीवाना राम का।
प्यारेलाल साहू मरौद छ.ग.
जगत दीवाना चाम का और दाम का।
कोई दीवाना पद प्रतिष्ठा नाम का।
हर कोई दुनिया में दीवाना दिखता।
कोई विरला यहाँ दीवाना राम का।
प्यारेलाल साहू मरौद छ.ग.