परशुराम ने अन्याय, अत्याचार और अधर्म का किया संहार

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बिहपुर – वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर रविवार को प्रखंड के परशुराम चौक, सोनवर्षा में धर्म, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। रूद्रसेना के संयोजन में महर्षि भगवान परशुराम का जन्मोत्सव श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया।
चौक पर स्थापित उनकी प्रतिमा के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना की गई। वातावरण “जय परशुराम” के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उन्हें धर्म, साहस और न्याय के प्रतीक के रूप में नमन किया।


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं, जिन्होंने अन्याय, अत्याचार और अधर्म के विरुद्ध शस्त्र उठाकर धर्म की पुनर्स्थापना की। उनका जीवन साहस, संयम और संकल्प की मिसाल है।


रूद्रसेना के अध्यक्ष बिट्टू कुमार चौधरी, संस्थापक सौरभ चौधरी सावर्ण, रौशन सनगही एवं अधिवक्ता राधाकृष्ण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि परशुराम केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि सत्य और न्याय के प्रहरी थे। उन्होंने समाज को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी ।

जन्मोत्सव के अवसर पर उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे भगवान परशुराम के आदर्शों को जीवन में उतारते हुए समाज में सत्य, साहस और सद्भाव का संदेश फैलाएंगे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंग गया।

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