भागलपुर। गंगा पर बने ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु पर सोमवार देर रात बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सेतु के पिलर संख्या 133 के समीप सड़क का एक विशाल स्लैब अचानक टूटकर गंगा नदी में समा गया। घटना रात लगभग 12:50 बजे की बताई जा रही है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण संभावित जनहानि टल गई, हालांकि एहतियातन पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। भागलपुर और नवगछिया के बीच सीधा संपर्क फिलहाल बाधित हो गया है।

मौके पर मची अफरातफरी, पुलिस ने खाली कराया पुल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आधी रात के समय पुल पर सामान्य यातायात चल रहा था, तभी पिलर संख्या 133 के पास सड़क के बीचों-बीच अचानक दरार उभर आई। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता भांपते हुए तत्काल वाहनों को पीछे हटाना शुरू किया। कुछ ही मिनटों में संबंधित स्लैब भरभराकर गंगा में गिर गया। समय रहते वाहनों को हटाए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।

डीएम और एसएसपी ने संभाली कमान
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद यादव मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुल के दोनों छोरों पर बैरिकेडिंग कर यातायात बंद करा दिया गया। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। तकनीकी विशेषज्ञों और अभियंताओं की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है, जो यह आकलन करेगी कि स्लैब गिरने के पीछे संरचनात्मक कमजोरी, रखरखाव में कमी या अन्य कोई कारण जिम्मेदार है।
एसएसपी ने बताया कि सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट पर रखा गया है और भारी व हल्के वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
मुंगेर-सुल्तानगंज मार्ग से होगा आवागमन
प्रशासन ने भागलपुर से नवगछिया, पूर्णिया और सीमांचल की ओर जाने वाले वाहनों के लिए मुंगेर होते हुए सुल्तानगंज मार्ग को वैकल्पिक रास्ता घोषित किया है। यद्यपि यह मार्ग अपेक्षाकृत लंबा है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यही सुरक्षित विकल्प बताया गया है। ट्रैफिक अधिकारियों को मुंगेर मार्ग पर संभावित जाम से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
जीवनरेखा पर संकट, व्यापार पर असर की आशंका
विक्रमशिला सेतु उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली प्रमुख कड़ी है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस पुल से गुजरते हैं। इसके बंद होने से व्यापार, परिवहन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय व्यवसायियों और आम यात्रियों में चिंता का माहौल है।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुल को पूरी तरह सील कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी जांच पूरी होने और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही पुल को दोबारा खोला जाएगा। पिलर संख्या 133 के आसपास के अन्य हिस्सों की भी गहन जांच की जाएगी।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। रातभर चली निगरानी और राहत व्यवस्था ने प्रशासन की सतर्कता को दर्शाया, लेकिन सेतु की संरचनात्मक मजबूती को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब सबकी निगाहें तकनीकी टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

