कटिहार : 34 दिन पहले जनसाधारण एक्सप्रेस में हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को रेल पुलिस ने सुलझा लिया है। जिस पत्नी ने पति की मौत को ट्रेन में लूटपाट के दौरान हुई गोलीबारी बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, वही इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड निकली। पुलिस ने महिला मोटर वाहन निरीक्षक (MVI), उसके प्रेमी और सुपारी किलर को गिरफ्तार कर पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया है।
घटना 11 जुलाई की है। जमुई विद्युत विभाग में ग्रेड-1 टेक्निशियन के पद पर कार्यरत देव कुमार गुंजन अपनी पत्नी समिता कुमारी, जो सुपौल में मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के पद पर तैनात हैं, से मिलने जनसाधारण एक्सप्रेस से जा रहे थे। इसी दौरान बदलाघाट स्टेशन के समीप चलती ट्रेन में अज्ञात बदमाश ने उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल देव कुमार गुंजन की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
चूंकि वारदात रेल क्षेत्र में हुई थी, इसलिए मानसी रेल थाना में BNS की धारा 309(6) एवं आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत मामला दर्ज कर बरौनी रेल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

तकनीकी जांच ने खोला राज
रेल जिला कटिहार की SIT और STF ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया।
पुलिस ने मृतक की पत्नी समिता कुमारी, उसके प्रेमी अजीत कुमार (ग्रेड-1 टेक्निशियन, नालंदा) और सुपारी किलर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया।
2017 में साथ नौकरी, फिर शुरू हुआ प्रेम संबंध
पूछताछ में खुलासा हुआ कि समिता, देव कुमार गुंजन और अजीत कुमार तीनों ने वर्ष 2017 में एक साथ विद्युत विभाग में नौकरी जॉइन की थी। वर्ष 2018 में समिता और देव कुमार गुंजन की शादी हुई, जिनकी एक 5-6 वर्ष की बेटी भी है।
वर्ष 2023 में समिता का चयन मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के पद पर हो गया। इसी दौरान समिता और अजीत कुमार के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गया। दोनों के रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा समिता का पति देव कुमार गुंजन था।
4 लाख में तय हुई सुपारी
पुलिस के अनुसार, समिता और उसके प्रेमी अजीत कुमार ने देव कुमार गुंजन की हत्या के लिए 4 लाख रुपये में सुपारी दी। सुपारी किलर राजू कुमार उर्फ धीरज कई दिनों तक देव कुमार गुंजन की रेकी करता रहा। मौका मिलते ही उसने जनसाधारण एक्सप्रेस में चलती ट्रेन के अंदर गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल देव कुमार गुंजन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पत्नी ने रची थी झूठी कहानी
हत्या के बाद समिता लगातार पुलिस को यह बताती रही कि उसके पति की हत्या ट्रेन में लूटपाट के दौरान हुई गोलीबारी में हुई है। लेकिन तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और अन्य भौतिक सबूतों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उनके मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद कर लिए गए हैं। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कटिहार रेल मंडल के एसआरपी हरि शंकर कुमार ने बताया कि प्रेम संबंध के चलते पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। सुपारी किलर के जरिए चलती ट्रेन में गोली मारकर हत्या कराई गई। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का सफल उद्भेदन कर लिया गया है।





