गंगा ने बदली धारा, राघोपुर पर बढ़ा बड़ा खतरा! मंत्री बोले- नदी नया रास्ता खोज रही, लेकिन हम हारे नहीं

नवगछिया के राघोपुर में गंगा के बढ़ते दबाव और तेज कटाव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कटाव स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र ने माना कि गंगा की मुख्य धारा अब कंट्री साइड की ओर शिफ्ट हो गई है और नदी किनारे करीब 30 से 40 मीटर तक गहराई बन गई है।
मंत्री ने कहा कि गंगा का पूरा दबाव अब इसी हिस्से की ओर है और तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार नदी नया रास्ता तलाश रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी हार नहीं मानी है और राघोपुर को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कटाव स्थल पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि बिहार के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ रेलवे के इंजीनियरों को भी बुलाया गया है। उन्होंने नारायणपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि करीब 40-50 साल पहले वहां रेलवे स्टेशन के पास भी कटाव का गंभीर संकट था, जिसे रेलवे इंजीनियरों की तकनीकी मदद से बचाया गया था। अब उसी अनुभव का उपयोग राघोपुर में भी करने की तैयारी है।
मंत्री ने कहा कि खरीक प्रखंड में अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ बैठक कर गंगा के बदले बहाव और कटाव को रोकने की रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा, “नदी की धारा पूरी तरह शिफ्ट हो गई है, लेकिन हम लोग अभी हारे नहीं हैं।”
‘मां गंगा मानेंगी, कटाव रुकेगा’
मंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि सरकार और विभाग अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे भगवान और मां गंगा में विश्वास रखते हैं और उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।
उन्होंने साफ कहा कि जब तक हालात स्थिर नहीं होते, वह क्षेत्र छोड़कर नहीं जाएंगे और जनता के बीच रहकर बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे।
फरक्का बैराज के गेट खुलने से जलस्तर स्थिर होने का दावा
मंत्री ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का धन्यवाद करते हुए दावा किया कि फरक्का बैराज के गेट खुलवाने के बाद गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी फिलहाल थमी है। नेपाल से भारी मात्रा में पानी आने के बावजूद जलस्तर स्थिर रहने की बात भी उन्होंने कही।

नाव हादसे के बाद मैनपावर की कमी
राघोपुर में हुए नाव हादसे का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि हादसे के बाद दर्ज FIR के कारण कई मजदूर और स्थानीय लोग फ्लड फाइटिंग के काम से जुड़ने में डर रहे हैं। इससे कुशल मैनपावर की कमी महसूस की जा रही है।
उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। मंत्री के अनुसार, जल्द ही एक बड़ा जहाज लाया जाएगा, जिसमें एक साथ करीब 16 हजार बोरे ढोए जा सकेंगे। इससे कटावरोधी और फ्लड फाइटिंग कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
मंत्री का कहना है कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता सिर्फ राघोपुर को बचाना है और जब तक हालात काबू में नहीं आते, बचाव कार्य जारी रहेगा।



