नाथनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जेड हसन ने किया दौरा, GR राशि और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उठाए सवाल

भागलपुर। नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से राजद प्रत्याशी रहे शेख ज्याउल हसन उर्फ जेड हसन ने बुधवार को नगर निगम के वार्ड संख्या 1, 2, 3 और 4 के साथ-साथ सबौर प्रखंड के रजनदीपुर और बाबूपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर राहत और बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।
जेड हसन ने कहा कि वह पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अब तक सबौर और नाथनगर प्रखंड की 20 से अधिक पंचायतों में जाकर उन्होंने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया है।

उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर अब भी बाढ़ पीड़ितों को पॉलिथीन शीट उपलब्ध नहीं हो सकी है। वहीं, कुछ इलाकों में पानी धीरे-धीरे निकल रहा है, लेकिन वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंच रही है और न ही चूना या ब्लीचिंग पाउडर का पर्याप्त छिड़काव किया जा रहा है।
GR राशि को लेकर उठाए सवाल
राजद नेता ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार सबौर प्रखंड के करीब 14 हजार और नाथनगर प्रखंड के करीब 19 हजार बाढ़ प्रभावित परिवारों को GR (ग्रैच्युटस रिलीफ) की राशि उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, उनका कहना है कि यह संख्या अभी पर्याप्त नहीं है।
जेड हसन ने कहा कि उन्होंने जिन इलाकों का दौरा किया, वहां बड़ी संख्या में लोगों ने GR राशि नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित परिवारों का वास्तविक आंकड़ा तैयार कर सभी पात्र परिवारों को राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की।
शहरी क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों को भी GR राशि देने की मांग
जेड हसन ने नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 1, 2, 3 और 4 के बाढ़ प्रभावित लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि स्थानीय बुनकर और अन्य प्रभावित परिवारों ने उन्हें बताया कि वर्ष 2015 के बाद से उन्हें GR राशि नहीं मिली है, जबकि कई परिवार हर साल बाढ़ और जलजमाव की समस्या से प्रभावित होते हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन और बिहार सरकार से मांग की कि नगर निगम क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित पात्र परिवारों को भी नियमानुसार GR की राशि उपलब्ध कराई जाए।
पानी घटने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था बढ़ाने की मांग
जेड हसन ने कहा कि जिन इलाकों से पानी धीरे-धीरे निकल रहा है, वहां अब स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम, मोबाइल एंबुलेंस, दवाइयां और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी निकलने के बाद कीचड़, गंदगी और दूषित पानी के कारण बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन को पहले से तैयारी करनी चाहिए और प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई तथा ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव की व्यवस्था करनी चाहिए।
पानी और कीचड़ पूरी तरह साफ होने तक सामुदायिक रसोई चलाने की मांग
जेड हसन ने मांग की कि जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह निकल नहीं जाता और प्रभावित इलाकों में कीचड़ एवं गंदगी की सफाई नहीं हो जाती, तब तक जरूरतमंद परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई और राहत शिविर संचालित किए जाएं।
उन्होंने जिला प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, स्वास्थ्य, स्वच्छता और भोजन की व्यवस्था की लगातार निगरानी करने की मांग की।



