भागलपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 27 बेंचों पर मामलों की सुनवाई

भागलपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन भागलपुर में किया गया। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सुलह और समझौते के आधार पर लंबित मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निपटारा करना रहा।
मामलों की सुनवाई और निपटारे के लिए भागलपुर जिले में कुल 27 बेंचों का गठन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में परिवादी और संबंधित पक्ष पहुंचे तथा आपसी सहमति के माध्यम से अपने विवादों के समाधान की प्रक्रिया में शामिल हुए।
लोक अदालत की प्रमुख विशेषता यह है कि आपसी सहमति और समझौते से निपटाए गए मामलों में सामान्यतः आगे अपील का प्रावधान नहीं रहता। समझौते के बाद मामला अंतिम रूप से निष्पादित माना जाता है। इससे पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है और समय व धन दोनों की बचत होती है।
कार्यक्रम के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश, डालसा के सचिव समेत कई न्यायिक एवं प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि आपसी सहमति और सुलह के जरिए विवादों का समाधान सरल, त्वरित और प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी मदद मिलती है।



