साहित्यकविता कानन

गलत फहमी

ये तेरी बहुत बड़ी गलत फहमी है। मेरे दोस्त।।
यही कि वो सिर्फ़ और सिर्फ़ तेरी है। मेरे दोस्त।।

उसके पास समय तो और सबके लिए है मगर।।
तुझे ही खुद को व्यस्त बताती है। मेरे दोस्त।।

वो आएगी ऑनलाइन और बात करेगी रकीव से
और बताती है।कि मामा की लड़की है।मेरे दोस्त।।

वो कलाई में अपनी घड़ी तेरी दी हुई बांधती है।।
और वक्त रकीब के साथ बिताती है। मेरे दोस्त।।

वो तुम्हारी मीठी बातों के जाल में नहीं आने वाली।।
मगर तुम्हें जुल्फों के जाल में फसाती है।मेरे दोस्त।।

अंशुल ठाकुर

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