साहित्यकविता कानन
शिक्षा पर कुंडली

शिक्षा दीपक भू जले, करिये यही प्रयास।
सारा जग ही खिल उठे,होगा तभी विकास।
होगा तभी विकास,समस्या को मारेंगे।
बाजे डंका ज्ञान,सभी संकट हारेंगे।
लेकर सत संस्कार,नहीं मांगेंगे भिक्षा।
विनती करता ओम, दिलाओ सबको शिक्षा।।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम


