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कौन है जो कातिल बनाने में लगा है
कौन है जो कातिल बनाने में लगा हैकौन है जो मुझे आजमाने में लगा है। वक्त का रेत फिसलते चला…
उठे स्वप्न छोड़ दी नाव समंदर में बस उड़ानें पाने के लिए
उठे स्वप्न छोड़ दी नाव समंदर में बस उड़ानें पाने के लिएखोज ली डूबके मोती समंदर से थाह ली जमाने…
शिव वन्दना
सोमवार का है दिवस,श्री शंकर का वार।भक्तों कर लो वंदना,मिलकर सह परिवार।। भोले शंकर जी सदा,राखो मेरी आन।लघु श्रद्धा से…
तेरी आशिकी में जाना तुम्हें गजल लिख रहा हूं
तेरी आशिकी में जाना तुम्हें गजल लिख रहा हूं।तेरी सूरत को सारे सहर में वज्म में लिख रहा हूं। दिल…
मन किसी अज्ञात पीड़ा
मन किसी अज्ञात पीड़ामें चेतनाशून्य हो गया थामन का अंधकार रात्रिके उस गहनअंधकार में छटपटा रहा थाउस सूर्योदय कीप्रतीक्षा मेंअपार…
लग रहा ये मंज़र भी गज़ब का ख़ूबसूरत है जो तू संग मेरे है
लग रहा ये मंज़र भी गज़ब का ख़ूबसूरत है जो तू संग मेरे है।शब्दों के जाल में कहीं उलझ ना…

