बिहार

जमीन खरीद के साथ ही दाखिल खारिज कैसे होगा, इसके लिए क्या करना होगा, सब जानिए यहां ।। InquilabIndia

बिहार में सुओ-मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन (Suo-Moto Online Mutation) प्रक्रिया की शुरुआत एक अप्रैल से हो गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रामसूरत राय ने इस मौके पर कहा कि आम लोगों से अनुरोध है वे जल्द से जल्द अपने नाम से अपनी जमीन की जमाबंदी कायम करा लें. ताकि इस सुविधा का लाभ उठा सकें। सुओ-मोटो प्रक्रिया से जमीन की खरीद के साथ ही उसका दाखिल खारिज भी हो जाएगा। लोगों को अनावश्यक दौड़- भाग से मुक्ति मिल जाएगी।

यह नई प्रक्रिया कैसे काम करेगी

इस प्रक्रिया से खास तौर पर उन लोगों को फायदा होगा जो बिहार से बाहर रहते हैं। इस काम के लिए अपने घर कम समय के लिए ही आ पाते हैं। आम लोगों को अब अंचल का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। जमीन के निबंधन के समय ही आवेदक को एक प्रपत्र भरना है। यह प्रपत्र आवेदक खुद से या कातिब की मदद से भर सकते हैं। यह प्रपत्र उस इलाके के अंचल अधिकारी के नाम लिखा गया होगा जिसे निबंधन पदाधिकारी के द्वारा भेजा जाना है।

  • एक पेज के इस प्रपत्र में आवेदक या क्रेता को अपने और विक्रेता के अलावे जमीन का संपूर्ण ब्यौरा उपलब्ध कराना है। इस प्रपत्र में जमीन बेचने वाले को अपने नाम का जमाबंदी नंबर, वॉल्यूम नंबर, हलका, अंचल, मौजा, थाना नंबर और पेज नंबर भरना होगा। इन जानकारियाें के साथ सहमति पत्र भरकर देने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से अपने आप दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
  • उन खरीदारों की जमीन की ही अपने आप दाखिल-खारिज प्रक्रिया शुरू होगी जिन्होंने वैसे जमीन मालिक से जमीन खरीदी है, जिनके नाम पर उस जमीन की जमाबंदी है। यानी जिसने जमीन बेची है उसी के नाम से जमीन की रसीद कट रही है।

Suo-Moto Online Mutation सॉफ्टवेयर का निर्माण करने वाले NIC के तकनीकी निदेशक संजय कुमार ने बताया कि निबंधन विभाग के सर्वर से Suo-Moto से संबंधित सभी आंकड़े राजस्व विभाग के सर्वर में पहुंच जाएंगे। इसमें निबंधन कार्यालय में भरा जानेवाला मेटा डाटा और निबंधित दस्तावेज का पीडीएफ शामिल होगा। राजस्व विभाग यह सारी सूचना निबंधन के सातवें दिन निबंधन विभाग से लेकर राजस्व कर्मचारी के लॉगिन में डाल देगा. इसके बाद राजस्व कर्मचारी द्वारा दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आवेदक के फोन में म्यूटेशन वाद संख्या SMS के जरिए चली जाएगी।

Screenshot 20210405 062726
निबंधन के समय भरा जाने वाला प्रपत्र।

दाखिल खारिज के बाद ऑनलाइन कटा सकते हैं रसीद

यह सारी प्रक्रिया ऑनलाइन दाखिल खारिज की पूर्व से चल रही प्रक्रिया के तहत ही होगी। समयावधि भी पहले की तरह ही रहेगी, यानी दाखिल खारिज में 35 दिन का ही समय लगेगा। दाखिल खारिज हो जाने के बाद आवेदक के मोबाइल पर कंप्यूटर से सूचना जाएगी।

फिर आवेदक विभाग की वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर जाकर शुद्धिपत्र को डाउनलोड कर सकते हैं और ऑनलाइन रसीद कटा सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button