बिहपुर में पेपरलेस जमीन निबंधन को बढ़ावा, अब तक 750 दस्तावेजों का हुआ निबंधन

बिहपुर : बिहार में जमीन निबंधन प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और कागज रहित बनाने की दिशा में शुरू की गई पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बिहपुर निबंधन कार्यालय में 3 अगस्त 2026 से अब तक 750 दस्तावेजों का पेपरलेस निबंधन किया जा चुका है। इससे सरकार को करीब 5 करोड़ 30 लाख रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है।
बुधवार को भी 34 लोगों ने नई व्यवस्था के तहत जमीन का पेपरलेस निबंधन कराया। इस व्यवस्था में तकनीक के माध्यम से दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाता है। इससे निबंधन प्रक्रिया अधिक सरल और व्यवस्थित होने के साथ लोगों को अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिल रही है।
आधार लिंक मोबाइल से शुरू होती है प्रक्रिया
पेपरलेस निबंधन के लिए पक्षकार को घर बैठे अपने आधार लिंक मोबाइल नंबर से ई-निबंधन पोर्टल पर खाता बनाना होता है। इसमें दस्तावेज के ब्यौरे के साथ जमीन का मूल्य एवं अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज की जाती है। निर्धारित शुल्क के अनुसार राजस्व जमा करने के बाद आधार लिंक मोबाइल पर OTP प्राप्त कर अपॉइंटमेंट लिया जा सकता है।
निर्धारित समय पर निबंधन कार्यालय पहुंचने के बाद आधार ई-केवाईसी के तहत बायोमेट्रिक, फोटो और हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी की जाती है। निबंधन के बाद डिजिटल हस्ताक्षरित केवाला संबंधित मोबाइल पर उपलब्ध कराया जाता है। विभाग की ओर से इसकी हस्ताक्षरित प्रति भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
निबंधन शुल्क में भी छूट
नई व्यवस्था के तहत दस्तावेज निबंधन की शुल्क दरों में भी प्रावधान के अनुसार छूट दी जा रही है। शहरी क्षेत्र में 9 प्रतिशत मुद्रांक शुल्क और 2 प्रतिशत निबंधन शुल्क, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 7 प्रतिशत मुद्रांक शुल्क और 2 प्रतिशत निबंधन शुल्क निर्धारित है।
महिलाओं के दस्तावेज निबंधन में मुद्रांक शुल्क में 0.4 प्रतिशत और निबंधन शुल्क में 0.1 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। इस तरह कुल 0.5 प्रतिशत की छूट मिलती है। महिला से पुरुष पक्ष में हस्तांतरण की स्थिति में 7 प्रतिशत मुद्रांक शुल्क एवं 2 प्रतिशत निबंधन शुल्क का प्रावधान बताया गया है।
निबंधन कार्यालय में आने वाले लोगों के लिए पेयजल समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।



