भागलपुर

सोनवर्षा के रोहित हत्याकांड में बिहपुर पुलिस ने फरार दो आरोपित को किया गिरफ्तार ।। Inquilabindia

बसंत कुमार/नवगछिया। बिहपुर पुलिस ने शुक्रवार की दोपहर गुप्त सूचना पर सोनवर्षा रोहित कुमर हत्याकांड संख्या- 168/22, के नामजद आरोपित मुंगेर के शुभम कुमार उर्फ सेठू और सोनवर्षा के सुदर्शन उर्फ अजय को सोनवर्षा दुमुहि चौक समीप से गिरफ्तार कर लिया गया। बिहपुर थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित के पास से 3 मोबाइल भी जप्त किया गया है। ज्ञात हो कि बीते 28 मार्च को सोनवर्षा निवासी दारोगा केदार कुमर के पुत्र रोहित कुमर का अपहरण कर गला रेतकर हत्या मामले में दोनो आरोपित फरार चल रहा था। 30 मार्च को रोहित का शव बभनगामा के बहियार से बरामद हुआ था। जिसमे पुलिस ने कांड के मुख्य आरोपी प्रियम को कांड के दूसरे दिन ही जेल भेज दिया था। वही सेठू और सुदर्शन फरार थे। सेठू और सुदर्शन ने पुलिस को बताया कि रोहित कुमर की हत्या का षडयंत्र घटना के दो माह पूर्व ही रची गई थी। प्रेम-प्रसंग के विरोध से शुरू हुए विवाद के बाद मृतक रोहित और प्रियम दोनो ने एकदूसरे को जान मारने की धमकी दे डाला था। जिसके बाद प्रियम, सुदर्शन और सेठू तीनों देवघर में मिलकर रोहित की हत्या करने का षडयंत्र रचा। मिल्की में माँगन साह के उर्स पर लगने वाले मेले में भी तीनों ने रोहित को फंसाने का प्रयास किया था। होली के एक दिन पूर्व धूड़खेल पर्व के दिन भी दियारा क्षेत्र में हमला करने का प्रयास किया था लेकिन वहां पीछे से एक किसान ट्रैक्टर लेकर गुजर रहा था। ट्रैक्टर की रोशनी से घबराकर हमलावर भाग गए थे और रोहित सकुशल घर पहुंचा था। 24 मार्च को प्रियम ने सुदर्शन और सेठू को दो हजार रुपिया देकर झंडापुर एनएच 31 स्थित एक लाइन होटल में तीन दिन दोनो ठहरे थे। इस दौरान प्रियम भी उस होटल में पहुंचा था। जिसका सारा वीडियो फुटेज उक्त होटल के सीसीटीवी कैमरे से पुलिस ने ले लिया है। बताया जाता है कि 27 मार्च को बभनगामा में उसी घटनास्थल पर रोहित भी उनलोगों के पास जाकर मिला था लेकिन वहां से रोहित जल्दी बाल कटाने की बात कहकर निकल गया। पुनः 28 मार्च की रात पड़ोसी के भोजघर से रोहित को विश्वास में लेकर हथियार देने की बात कहकर बुलाकर ले गया और घटना को अंजाम दे बैठा। इसतरह से रोहित तीन बार उनलोगों के हमले से बचता रहा और उसे खुद पर हो रहे विश्वासघात का अभाष नही हुआ। जिस कारण उसे अपनी जान गवानी पड़ी। गौरतलब हो कि पूर्व में गिरफ्तार हुए कांड के मुख्य आरोपी प्रियम कुमार ने पुलिस से बहुत बात छिपाया था। बताया जाता है कि घटना में इनलोगों के साथ सोनवर्षा के दो-तीन और व्यक्ति भी शामिल था, घटना के बाद से सभी घर छोड़कर फरार हैं। नवगछिया एसपी शुशांत कुमार सरोज ने कहा कि एसआइटी टीम हत्यकांड के हरेक बिंदुओं पर जांच करने में जुटी है। अनुसंधान के क्रम में तथा तकनीकी जांच में साक्ष्य के आधार पर जो भी अपराधी कांड में शामिल होंगे सभी की गिरफ्तारी होगी।

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