बिहार में 15 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 2 दारोगा भी शामिल
ड्यूटी से अनुपस्थित मिले 2 दारोगा और 12 सिपाही निलंबित, पद के दुरुपयोग के आरोप में कड़ौना थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई

बिहार में ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गया में एसएसपी सुशील कुमार ने औचक जांच के दौरान ड्यूटी से अनुपस्थित मिले 2 पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) और 12 सिपाहियों समेत 14 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। वहीं, जहानाबाद के कड़ौना थानाध्यक्ष को भी मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने निलंबित कर दिया है।
पुलिस केंद्र में औचक जांच से खुली पोल
जानकारी के अनुसार, गया पुलिस केंद्र में औचक जांच के दौरान कई पुलिसकर्मी निर्धारित ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले। जांच में पता चला कि संबंधित पुलिसकर्मी अवकाश पर गए थे, लेकिन निर्धारित समय पर ड्यूटी पर वापस योगदान नहीं दिया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए एसएसपी ने सभी 14 पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
एसएसपी सुशील कुमार ने पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने कर्तव्य के प्रति अनुशासित और सजग रहें। ड्यूटी में लापरवाही या बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
कड़ौना थानाध्यक्ष पर पद के दुरुपयोग का आरोप
दूसरी कार्रवाई जहानाबाद जिले के कड़ौना थानाध्यक्ष के खिलाफ हुई है। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने उन्हें पद के दुरुपयोग और अनुशासनहीन आचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
बताया जा रहा है कि जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में कड़ौना थानाध्यक्ष ने गया जिले के बांकेबाजार थानाध्यक्ष से कथित तौर पर अभद्र और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। साथ ही एक पक्ष के दबाव में पद का दुरुपयोग करते हुए मामले में एकपक्षीय हस्तक्षेप किए जाने का आरोप भी सामने आया।
मामले को लेकर बांकेबाजार थानाध्यक्ष ने गया एसएसपी को पत्राचार किया था। इसके बाद गया एसएसपी ने कार्रवाई के लिए मामला मगध रेंज के आईजी के समक्ष रखा। जांच के बाद आईजी विकास वैभव ने कड़ौना थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया।
कुल मिलाकर बिहार में एक ही कार्रवाई क्रम में 15 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। गया में 14 और जहानाबाद में एक थानाध्यक्ष के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है।



