बिहार में बिजली क्रांति! 60% से घटकर 11.54% हुआ AT&C लॉस, 94 लाख स्मार्ट मीटर और 2.5 लाख घरों में मुफ्त सोलर का प्लान

बिहार ने ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव की दिशा में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने का दावा किया है। नई दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी 2026 के उद्घाटन सत्र में बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधारों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों से बिहार में केवल निवेशक के रूप में नहीं, बल्कि राज्य के विकास में साझेदार बनने की अपील की।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिहार तेजी से बदल रहा है और ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, स्मार्ट मीटरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा तथा ऊर्जा भंडारण जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
94 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए गए
ऊर्जा मंत्री के अनुसार बिहार में अब तक 94 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटरिंग से बिजली खपत की निगरानी, बिलिंग और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान बिजली वितरण में AT&C लॉस 59-60 प्रतिशत से घटकर 11.54 प्रतिशत से नीचे आ गया है।
बिहार पहले से ही स्मार्ट मीटरिंग के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल रहा है। अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट में राज्य में 92 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
9,475 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग पूरी
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिहार ने अब तक 9,475 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया है। आबादी, शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक विकास के साथ राज्य में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।
अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2037 तक बिहार की पीक बिजली मांग बढ़कर करीब 19,033 मेगावाट तक पहुंच सकती है। इसी को देखते हुए राज्य बिजली उत्पादन, वितरण और ऊर्जा भंडारण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
2.5 लाख BPL परिवारों को मुफ्त रूफटॉप सोलर
गरीब परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार सरकार आने वाले महीनों में 2.5 लाख पात्र BPL परिवारों को 1.1 किलोवाट क्षमता के मुफ्त रूफटॉप सोलर सिस्टम देने की योजना पर काम कर रही है।
सरकार का उद्देश्य है कि गरीब परिवार अपनी बिजली जरूरतों को सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा कर सकें और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।
परमाणु ऊर्जा के विकल्प पर भी मंथन
भविष्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए बिहार परमाणु ऊर्जा के दीर्घकालिक विकल्प पर भी विचार कर रहा है। इसके साथ ही राज्य की ऊर्जा रणनीति में नवीकरणीय ऊर्जा, Battery Energy Storage System (BESS), पंप्ड स्टोरेज और आधुनिक स्मार्ट तकनीकों को शामिल किया जा रहा है।
नवादा में 1,200 MW पंप्ड स्टोरेज प्लांट का प्रस्ताव
भारत इलेक्ट्रिसिटी 2026 में लगाए गए बिहार पावर पवेलियन में राज्य की भविष्य की ऊर्जा परियोजनाओं की भी झलक दिखाई गई।
इसमें नवादा में प्रस्तावित 1,200 मेगावाट क्षमता का पंप्ड स्टोरेज प्लांट प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। वहीं लखीसराय के कजरा में 301 मेगावाट AC सोलर PV परियोजना के साथ 523 मेगावाट-आवर BESS की योजना भी प्रदर्शित की गई।
पवेलियन में स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल बिजली प्रबंधन, रूफटॉप सोलर की रिमोट मॉनिटरिंग, 4G कनेक्टिविटी, रियल टाइम बिजली खपत निगरानी और मोबाइल आधारित उपभोक्ता सेवाओं जैसी तकनीकों को भी प्रदर्शित किया गया।
निवेशकों से बोले ऊर्जा मंत्री—‘साझेदार बनकर आएं’
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने निवेशकों से बिहार में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य में विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निवेशक बिहार में केवल निवेश करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि विकास के साझेदार बनकर आएं। सरकार की ओर से निवेशकों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद, ऊर्जा मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. डी. साई बाबा सहित ऊर्जा क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ, नीति निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




