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कविता कानन

खुद को दीप्तिमान कर
खुद को दीप्तिमान कर शांति से सहन कर,अहं का दमन कर, बेकार तकरार में,वक्त न गवाइए। आलस्य को तज कर,खड़ा…
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कविता कानन

मुझे हवाओं में बिखरने दो
विषय — मुझे हवाओं में बिखरने दो मुझे हवाओं में बिखरने दो अपनी करामत की खुशबू इन फिजाओं में फैलाने…
Read More » भक्ति गीत
कात्यायनी माता अराधना (माता रानी के छठे रूप की अराधना) “आप सभी मित्रों एवं साथियों तथा प्यारे बच्चों को शारदीय…
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कविता कानन

या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
छठवें दिन कात्यायनी देती रोग-शोक मुक्ति पाते। षष्ठी मां कात्यायनी की पूजा को है समर्पित करते। छठा स्वरूप करुणामयी, भक्तों…
Read More » (दुर्मिल सवैया-8×सगण-112)
(दुर्मिल सवैया-8×सगण-112) (कमनीया-नायिका) कजरा अँखियाँ मुँहना ललिया पलकाँ फहरायि रही मुनियाँ । नकिया नथिया मथवा टिकवा चँदना ललचायि रही रनियाँ…
Read More »माँ स्कंद माता
माँ स्कंद माता स्कंदमाता का आज पंचम रूप माता की करते सभी हैं। वंदना देती सुख अपार ममता दे सबको…
Read More »*मुक्तक*
*मुक्तक* छवि स्कंदमाता की , करूॅं कर जोड़ मैं विनती । सभी भक्तों के भावों को, यही माॅं ध्यान से…
Read More »सुखद भोर वन्दन
सुखद भोर वन्दन नव दुर्गा की नव सुबह नव संवत्सर सजा रही है शेरोवाली माँ अम्बिके करुणा सब पे बरसा…
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कविता कानन

॥ दिल का दर्द ॥
कविता ॥ दिल का दर्द ॥ रचना ॥ उदय किशोर साह ॥ मो० पो० जयपुर जिला बॉका बिहार दिल का…
Read More » वो जिन्दगी ही क्या जो कट जाए आसान से|
वो जिन्दगी ही क्या जो कट जाए आसान से| जिन्दगी वह नही है, जिसमें कोई चुनौती न हो, जैसे एक…
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