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साहित्य

माता की चिट्ठी
“दोहों में” माता की चिट्ठी मिली,झंकृत उर के तार।लगता मुझको मिल गया,यह पूरा संसार।। माता की चिट्ठी सुखद,जो लगती उपहार।माता…
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साहित्य

“ईद”
इस भागती हुई जिंदगी से, कुछ वक्त चुराया जाए,बुझती हुई आंखों में, एक दीप जलाया जाए। कहने को जब अपने…
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साहित्य

साक्षात्कार
भागलपुर के युवा कवि – कहानीकार धनंजय कुमार का साहित्य लेखन से गहरालगाव है ! कविता – कानन पत्रिका के…
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साहित्य

गीत
मापनी16,16 धन तो मैंने खूब कमाया,दामन खुशियों से खाली है।सहसा ही जब निद्रा टूटी,लगा साँझ होने वाली है।। बचपन बीता…
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साहित्य

बनो पर्यावरण मित्र!
कहां गयी हरियाली मखमल?कहां नदिया का निर्मल जल? वन, जंगल, ऊंचे पर्वत, झील, झरने,डोलते, झूमते, बूंदों की सरगम सुनाते।। पेड़-पौधे,…
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साहित्य

माँ की ममता
बाजार में खड़ी थी मैं,एक नन्ही बच्ची वहाँ आ गई।माँ, माँ कहकर अनायास ही मुझसे वह लिपट गई।।गुस्साई पल भर…
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साहित्य

पुराना एक गीत ,,”आज का आनन्द,,पूना से दो बार शाए
हो शाम मदीने की भारत मे सुबूह करकेइस माटी मे सर अपना सजदो मे नुगू करकेमासूम मोहब्बत है ये इशक…
Read More » “गर्मी”
“कुण्डलियाँ” गर्मी प्रतिदिन बढ़ रही, इस पर करें विचार।वृक्षारोपण सब करें, प्रकृति का हो श्रृंगार।प्रकृति का हो श्रृंगार, और शुद्ध…
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साहित्य

आज तन से मन पृथक
आज तन से मन पृथक,होकर विचरण कर रहा हैं।अनगिनत चलचित्र देखकर,मन में संशय हो रहा हैं। इस जगत में ढूंढता…
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साहित्य

एक उम्र से जाग रहे है
चिठिया लिखकर तुम्हें हम परेशान कर रहे है।एक यही गुनाह बचा जो हम बार बार कर रहे है। मौसम की…
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