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साहित्य

संध्या सुंदरी
चिड़िया लौट रही नीरछोड़ के नदियों के तीररात की रानी आ रहीचल पड़े बेचारे दिनसंध्या रानी वंदन करतीलेकर सरिता के…
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भगीरथ-प्रयास
महाप्राण भगीरथ,गंगा धरा पर लाते,सगर-सुत गंगा से,मोक्ष मान पाते हैं। पूर्वज प्रभु राम के,भक्त राजा भगीरथ,करें आदि पिता ध्यान,वही ज्ञान…
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आराम से भूल जाऊँगा।
हर लम्हा हर दिन मैं भूल जाऊँगा।चंद दिनों में मैं ख़ुदको भूल जाऊँगा। जो लोग मेरे पास रहकर भी मुझ…
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“घोंसला बनाने वाले के हिस्से में तिनका”
चल भाई बंटवारा कर लें।आधा तुम, हम आधा धर लें। जो कुछ संपत्ति है, पुश्तैनी,आधा घर, और आधी नशैनी,बंटवारे की…
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प्राइवेट नौकरीविधा कविता
पैकेज सरकार से ज्यादा होगागाड़ी बंगला बोनस का वादा होगाज्वाइन करना तू सोच समझछुट्टी कम और काम ज्यादा होगामन ही…
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शिक्षा पर कुंडली
शिक्षा दीपक भू जले, करिये यही प्रयास।सारा जग ही खिल उठे,होगा तभी विकास।होगा तभी विकास,समस्या को मारेंगे।बाजे डंका ज्ञान,सभी संकट…
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गलत फहमी
ये तेरी बहुत बड़ी गलत फहमी है। मेरे दोस्त।।यही कि वो सिर्फ़ और सिर्फ़ तेरी है। मेरे दोस्त।। उसके पास…
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“धड़कन बन जाते हो…”
तुम्हें…!कुछ सोचूं तो…,सपना बन जाते हो । तुम्हें…!कुछ पूछूं तो…,सवाल बन जाते हो ।। तुम्हें…!कुछ लिखूं तो…,शब्द बन जाते हो…
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॥ जिन्दगी तुम उदास क्यूं है ॥ रचना ॥ उदय किशोर साह ॥ मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार
अय जिन्दगी तुम उदास क्यूं हैअसफलता से नाराज क्यूं हैकब तलक तुँ इससे धबरायेगाजीवन में अनेक मोड़ आयेगा मुसीबत का…
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राष्ट्र धर्म!!
मत पूछो घोड़ों से कभीउसके पैड़ों में ठुके नाल का दर्दबेजुबां की कड़कती जुबां की है अनोखे अंदाज की आवाज.सत्ता…
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