कविता कानन
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जन्मदिन विशेष रघुवीर सहाय
नौ दिसंबर उन्नीस सौ उनतीसलखनऊ में जन्में थे रघुवीर सहाय,उन्नीस सौ इक्यावन मेंलखनऊ विश्वविद्यालय सेअंग्रेज़ी में एम.ए. पास किया।करने लगे…
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आख़री बार निकला हूँ
किसीके दिल से आज निकला हूँ।अपनी मर्ज़ी से नही निकला हूँ। बिना कहे तेरे लिए हुए फ़ैसलेको सुनने के बाद…
Read More » सैनिक
तीन रंगों में लिपटा सम्मानमिला मुझे शहादत पेतिरंगे का सम्मान कफनजो मिला देश की इबादत पे जब सुना संदेश शहीदीथम…
Read More »(शृद्धाजंलि)
हृदयविदारक घटना सुनकर,काँपा हृदय वतन रोया।जिंदादिल,जाँबाज,लोकप्रिय,रक्षा प्रमुख विपिन खोया। जीवन की सहचरी मधुलिका,सुख-दुख में जो साथ रहीं।साथ निभाया अंतिम क्षण…
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दूर कहीं…
दूर कहीं …र्पवतों के क्षितिज परठिठका है चाँदचाँदनी के लिए,घोर अंधकार मेंं;छिटक रही चाँदनी नव कोंपलों परशनैःशनैः।पथ की पगडंडियों परअंकित…
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लम्हे बुलाते हैं
बीते हुए लम्हेआखिर याद आ ही जाते हैं,सिर्फ़ याद ही नहीं आतेखूब गुदगुदाते भी हैं,कभी खुशी से तो कभी ग़म…
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फिर तुझको मैं अपने बहुत करीब पाता हूँ
फिर तुझको मैं अपने बहुत करीब पाता हूँतेरी खूबसूरत आँखों मेंंतेरी मां का वीता हुआ अक्स पाता हूँ।तेरे ही लिए…
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कलमकार बन जाऊँ
हमें मिले तुम्हारा प्यारना चाहिये हीरे की हारमेरी लेखनी में हो धारबन जाऊँ मैं कलमकार।तेरी रूप अनोखी है माँउर्वरा वसुन्धरा…
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आओ गुनगुनाएँ
छोड़ो धनन्जय मोह अब आगे बढ़ो ,इस सत्यता संग वीरता को तुम गढ़ो ।अब द्रोपदी के केश साड़ी की कसम…
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डा. राजेंद्र प्रसाद
जीरादेई सीवान बिहार मेंतीन दिसंबर अठारह सौ चौरासी में,जन्मा था एक लाल।दुनिया में चमका नाम उसका,थे वो बाबू राजेंद्र प्रसाद।।…
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