साहित्य
*पृथ्वी तेरे हाथ *
पृथ्वी तेरे हाथ में, रखो उसे सम्हाल।कर दो रोपण बीज का, तरुवर बने विशाल।। मिट्टी बाँधे वृक्ष ही, भू का…
Read More »एक मजबूत रिश्ता
🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏 एक अच्छा रिश्ता निभाने के लिए सबसे पहले अच्छी सोच होनी चाहिए। उसके बाद श्रद्धा होनी चाहिए। श्रद्धा से…
Read More »पिंजरा
– क्या सोच रहा है मित्र मेरे,हमें देख पिंजरे में ,पंखों को अपने समेटे हुए।हां व्यथित है हम ,उदास बड़े…
Read More »कविता पर कविता
कविता पर कविता कोसोच रहा हूं मैंउसके लिए शब्दों कोखोज रहा हूं मैं गरिमा इसकी रखनी हैउलझ रहा हूं मैंक्या…
Read More »मानव प्रेरणा के स्त्रोत,देखो प्रभु श्री राम हैं
मानव प्रेरणा के स्त्रोत,देखो प्रभु श्री राम हैं।सृष्टि के निर्माणकर्ता सवयं,प्रभु श्री राम हैं।धैर्य,धीरज,साहस,बुद्धि,जीवी प्रभु श्री राम हैं।आदर्शवादी मर्यादा के,प्रतिक…
Read More »हल्दी घाटी
———————अमर कीर्ति है अखिल विश्व मेंविदित तुम्हें राणा की।शौर्य शक्ति पुरुषत्व रक्त सेलिखी दी हल्दी घाटी।। मेवाड़ी धरती पर जिस…
Read More »राणा की वीरता
विषय- राणा की वीरताविधा- ताटंक छंद विधान 16, 14 पर यति। कुल चार चरण। दो- दो चरण समतुकान्त, चरणान्त तीन…
Read More »कुण्डलिया- परिणय|
कुण्डलिया- परिणय|घातक है परिणय नहीं, नयेसृजन शुरुआत|दो दिल आपस में मिले, करें देश की बात||करें देश की बात, यही भारत…
Read More »यादों का घरौंदा
यादों का घरौंदा यादों के घरोंदे में, अपनों का साथ था प्यारा।रहता था जब मिल जुलकर, इक साथ परिवार हमारा।दादा…
Read More »मेरा राणा प्रताप
विषय :- मेरा राणा प्रतापविधा :- कविता राजस्थान की पावन भूमि को प्रणाम करता हूं,उदय सिंह जी को भी प्रणाम…
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