नवगछिया में मद्यनिषेध टीम पर हमला: देर रात छापेमारी के दौरान बवाल, ग्रामीणों ने घेरा वाहन; टीम जान बचाकर लौटी

नवगछिया। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू कराने में जुटी मद्यनिषेध विभाग की टीम को बुधवार देर रात नवगछिया पुलिस जिला के परबत्ता थाना क्षेत्र स्थित गरैया गांव में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करने पहुंची टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया और सरकारी वाहन को चारों ओर से घेरकर जमकर हंगामा किया। हालात इतने बिगड़ गए कि टीम को कार्रवाई बीच में छोड़कर किसी तरह वहां से निकलना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 10:30 बजे मद्यनिषेध विभाग की टीम गरैया गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार के घर तलाशी लेने पहुंची थी। छापेमारी के दौरान घर के सदस्यों और टीम के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शोर-शराबा सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने टीम के वाहन का घेराव कर विरोध शुरू कर दिया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख टीम को वहां से वापस लौटना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय बिना पर्याप्त प्रक्रिया का पालन किए घर में प्रवेश किया गया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इधर, गृहस्वामी धर्मेंद्र कुमार ने मद्यनिषेध विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले भी विभाग की टीम उनके पिता को शराब पीने के आरोप में पकड़ने आई थी, लेकिन पिता की जगह उन्हें हिरासत में ले लिया गया। धर्मेंद्र का आरोप है कि घंटों तक गाड़ी में घुमाने के बाद उनसे पैसे लेकर छोड़ा गया। उनका दावा है कि इसी पुराने विवाद के कारण टीम दोबारा उनके घर पहुंची थी।
वहीं, इस पूरे मामले में मद्यनिषेध विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि घटना की जानकारी ली जा रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, मध निषेध थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पिता-पुत्र शराब के कारोबार में संलिप्त हैं। इसी सूचना के आधार पर जांच और छापेमारी के लिए टीम को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि अवैध वसूली और पैसे मांगने के लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
फिलहाल मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। घटना की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



