हाजीपुर मंडल कारा निरीक्षण का VIDEO वायरल, जेल के अंदर रिकॉर्डिंग पर उठे सवाल; नियमों के उल्लंघन की चर्चा तेज

हाजीपुर: बिहार के वैशाली जिले स्थित हाजीपुर मंडल कारा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो बिहार विधानसभा की कारा सुधार समिति के निरीक्षण के दौरान का बताया जा रहा है। वीडियो में समिति के सदस्य जेल के भीतर कैदियों से बातचीत और निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं।
आरोप है कि जेल परिसर के अंदर रिकॉर्ड किया गया यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर फेसबुक पर साझा किया गया। इसके बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या जेल जैसे उच्च सुरक्षा क्षेत्र में वीडियो रिकॉर्डिंग और उसका सार्वजनिक प्रसारण नियमों के अनुरूप था।
निरीक्षण के लिए पहुंचे थे तीन विधायक
बुधवार को बिहार विधानसभा की कारा सुधार समिति की सभापति एवं प्राणपुर से भाजपा विधायक निशा सिंह, कोढ़ा की विधायक कविता सिंह (देवी) तथा बेलसंड विधायक अमित रानू हाजीपुर मंडल कारा के औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे।
समिति ने जेल में बंद कैदियों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन, सुरक्षा व्यवस्था तथा महिला एवं पुरुष वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनी गईं।
वायरल वीडियो पर उठ रहे सवाल
निरीक्षण के बाद जेल परिसर के अंदर रिकॉर्ड किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इसके बाद यह बहस शुरू हो गई कि क्या जेल के संवेदनशील परिसर में वीडियो रिकॉर्डिंग और उसे सार्वजनिक करना जेल नियमों के अनुरूप है।
जेल प्रशासन से जुड़े जानकारों का कहना है कि कारागार एक उच्च सुरक्षा क्षेत्र होता है। ऐसे स्थानों की आंतरिक गतिविधियों या बंदियों की पहचान सार्वजनिक किए जाने को लेकर स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियम लागू होते हैं। हालांकि इस मामले में किसी नियम के उल्लंघन का अंतिम निर्धारण संबंधित सक्षम प्राधिकारी की जांच के बाद ही होगा।
पूर्व विधायक ने की जांच की मांग
इस मामले पर पूर्व विधायक डॉ. मुकेश रौशन ने राज्य सरकार और प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
वहीं प्रशासनिक पक्ष जानने के लिए जिलाधिकारी वर्षा सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया। उनके कार्यालय को पूरे मामले की जानकारी भी दी गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
अब निगाहें प्रशासन के फैसले पर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि वायरल वीडियो को लेकर गृह विभाग या जेल प्रशासन कोई जांच शुरू करेगा या नहीं। साथ ही यह भी देखना होगा कि क्या इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई होती है या विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रह जाता है।



