Shaheed Khudiram Bose – भाकपा-माले ने दी श्रद्धांजलि, युवाओं से संघर्ष की प्रेरणा लेने की अपील

भागलपुर। शहीद खुदीराम बोस के 118वें शहादत दिवस पर मंगलवार को भाकपा-माले और ऐक्टू कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोहनपुर स्थित जगदीश बौधी स्मृति आवास में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाकपा-माले राज्य कमिटी सदस्य एवं ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने कहा कि युवाओं को शहीद खुदीराम बोस के जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेकर अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार और बेहतर मजदूरी जैसे मुद्दों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों और मजदूरों पर दमन किया जा रहा है।
मुकेश मुक्त ने कहा कि महज 18 वर्ष की उम्र में खुदीराम बोस ने देश की आजादी के लिए हंसते हुए फांसी का फंदा चूम लिया। उन्होंने कहा कि उनका साहस, संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने बताया कि अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए खुदीराम बोस बंगाल से मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुजफ्फरपुर जेल में फांसी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि अत्याचार और अन्याय के खिलाफ संघर्ष में खुदीराम बोस की विरासत सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा-माले के नगर सचिव विष्णु कुमार मंडल ने की। मौके पर ऐक्टू के जिला संयुक्त सचिव सुभाष कुमार, प्रमिला देवी, मितेश कुमार, सुरेश साह, सिकंदर तांती समेत कई कार्यकर्ता और दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



