ऐलोपैथ और आयुर्वेद दोनों की महत्ता एवं प्रासंगिकता अपनी-अपनी जगह पर है महंत नवल किशोर दास

FB IMG 1622172353279
[espro-slider id=5813]

ऐलोपैथ और आयुर्वेद दोनों की महत्ता एवं प्रासंगिकता अपनी-अपनी जगह पर है । दो में किसी की महत्ता को नकारा नहीं जा सकता है । एक ओर एलोपैथ जहाँ आपातकालीन ईलाज और सर्जरी के लिए जरूरी है, वहीं बहुत ऐसी बीमारियों को जड़ से छुड़ाने के लिए और बीमारी ही नहीं हो इसके लिए आयुर्वेद और योग बहुत जरूरी है । बहुत सी एलोपैथिक दवाईयाँ है जो जडी़ बुटियों से तैयार किया जाता है । आयुर्वेद एवं योग का वर्णन हमारे धर्मशास्त्रों में है और ये ऋषि परंपरा से है । अतः आयुर्वेद, योग और अपने ऋषि परंपरा से मिली औषधि को त्यागना सही नहीं होगा और स्वदेशी चिकित्सा पद्धति को बढा़वा देना देशहित में होगा । अतः जीवन रक्षा के लिए एलोपैथ और आयुर्वेद दोनों जरूरी है । इसलिए IMA और परम आदरणीय रामदेव बाबा से विनम्र आग्रह है कि एलोपैथ और आयुर्वेद के विवाद को जनहित और देशहित में समाप्त करें ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *