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Middle-East War इम्पैक्ट – उत्तराखंड में सीमेंट, सरिया, रेत और टाइल्स के दाम 20% तक बढ़े, निर्माण कार्य प्रभावित


मध्य-पूर्व युद्ध (Middle-East War) का असर अब भारत के निर्माण क्षेत्र पर साफ दिखाई दे रहा है। हार्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने और एलपीजी व ईंधन संकट के कारण उत्तराखंड में भवन निर्माण सामग्री (Building Materials) की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सरिया के दाम में भारी उछाल
हल्द्वानी, देहरादून, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में सरिया (TMT Bar) की कीमतों में 400 से 1000 रुपये प्रति कुंतल तक की वृद्धि हुई है। पहले 5200–5700 रुपये प्रति कुंतल मिलने वाला सरिया अब 6200–6300 रुपये तक पहुंच गया है। इससे घर बनवाने की लागत (House Construction Cost) में सीधा इजाफा हुआ है।
सीमेंट की आपूर्ति बाधित, 15% तक बढ़ोतरी
देहरादून और विकासनगर सहित कई जिलों में सीमेंट सप्लाई प्रभावित है। सीमेंट की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। अल्ट्राटेक सहित अन्य प्रमुख ब्रांडों के रेट भी बढ़े हैं। सप्लाई चेन संकट (Supply Chain Crisis) के कारण निर्माण कार्य धीमा पड़ रहा है।
टाइल्स, रेत और बजरी भी महंगी
गैस संकट के चलते टाइल्स उत्पादन प्रभावित हुआ है। टाइल्स की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
टाइल्स: 40 रुपये से बढ़कर 45 रुपये प्रति वर्गफुट
रेत: 105 रुपये से बढ़कर 110 रुपये प्रति कुंतल
रोड़ी/बजरी: 95 रुपये से बढ़कर 100 रुपये प्रति कुंतल
ईंट के दाम में भी करीब 80 पैसे प्रति पीस की बढ़ोतरी हुई है।
परिवहन भाड़ा बढ़ने से और दबाव
ईंधन महंगा होने के कारण ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट (Transportation Cost) बढ़ गई है, जिसका सीधा असर निर्माण सामग्री के रेट पर पड़ा है।
निर्माण कार्यों पर संकट
बढ़ती महंगाई के कारण उत्तराखंड में कई लोगों ने मकान निर्माण कार्य टाल दिए हैं। अगर मध्य-पूर्व संकट जल्द खत्म नहीं हुआ तो Building Construction Sector पर और असर पड़ सकता है।

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