अभाविप ने केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री को दिया ज्ञापन।

अभाविप ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं के साथ हिंसा रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की।

अभाविप ने महिला एवं बाल विकास मंत्री को ज्ञापन सौंप देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सैनेट्री पैड वेडिंग मशीन स्थापित कर नि:शुल्क सैनेट्री पैड उपलब्ध कराने की मॉंग रखी।

आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री याज्ञवल्क्य शुक्ल के नेतृत्व में विद्यार्थी परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी को ज्ञापन देकर महिलाओं के लिए प्रोद्यौगिकी कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ाने, शैक्षणिक संस्थानों में महिला विकास केंद्र खोलने, स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन उपलब्ध कराने, महिला एवं बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम हेतु उपाय, कामकाजी महिलाओं हेतु शहरों में हाॅस्टलों का निर्माण, पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं पर अत्याचार और चुनाव नतीजों के बाद महिलाओं के साथ हिंसक घटनाओं को अंजाम देने वालों पर कठोरतम कार्रवाई सहित विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अपने विभिन्न प्रयासों के माध्यम से महिलाओं संबंधी विषयों को प्रखरता से उठाने का कार्य कर रही है। महिला शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और रोज़गार जैसे प्रमुख विषयों पर जनजागरण एवं मिशन साहसी और ऋतुमति अभियान जैसे प्रयासों के माध्यम से अभाविप देशभर में नारी सशक्तीकरण हेतु कार्य कर रही है। आज दिए गए ज्ञापन में प्रौद्योगिकी कौशल विकास एवं स्वरोजगार, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल, महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट के निर्माण, निर्भया फंड में बढ़ोतरी, साइबर क्राइम रोकथाम, बालगृह क्षमता में सुधार, नशामुक्ति केंद्रों को स्थापना एवं नशामुक्ति हेतु प्रयास, लव जिहाद मामलों का रोकथाम, पश्चिम बंगाल में महिलाओं संबंधी हिंसा पर लगाम लगाने जैसे प्रमुख विषयों को ज्ञापन में सम्मिलित किया गया है और इन विषयों पर शीघ्र कदम उठाए जाने की मांग की गई है। नारीशक्ति वंदन अधिनियम को ग्राम स्तर तक महिला जनप्रतिनिधियों को दायित्वबोध कराने हेतु उसके प्रभावी क्रियान्वयन एवं न्याय संहिता में महिला सुरक्षा हेतु कड़े  प्रावधानों को भी शामिल करने की अभाविप द्वारा मांग की गई है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि देश में महिलाओं की बेहतर स्थिति ही देश की उन्नत व्यवस्था की परिचायक होती है। आज पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में चुनावों में बाद महिला उत्पीड़न के कई प्रकरण सामने आ रहे हैं, यह चिंताजनक है और इस विषय को गंभीरता से लेते हेतु सख्त कदम उठाए जाने चाहिए वहीं मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की ‘गांव की बेटी’ जैसी सराहनीय को सभी राज्यों में चलाने की आवश्यकता है। आज दिए गए ज्ञापन में महिला संबंधी प्रमुख समस्याओं को इंगित कर उनपर त्वरित कार्रवाई करने हेतु मांग की गई है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय मंत्री कुमारी शिवांगी खरवाल ने कहा कि आज अभाविप के प्रतिनिधिमंडल द्वारा महिला संबंधी विभिन्न समस्याओं पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री को ज्ञापन सौंप उनपर प्रमुखता से कार्य करने की मांग की गई है। महिलाओं हेतु मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराना, शैक्षिक परिसरों में निःशुल्क परामर्श हेतु मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, सभी शैक्षिक परिसरों में निःशुल्क नैपकिन वेंडिंग मशीन की स्थापना, निर्भया फंड में बढ़ोत्तरी, आदि महत्वपूर्ण विषयों पर मांग की गई है साथ ही महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाए जाने हेतु विभिन्न प्रयासों को तेज़ी से विस्तार करने की मांग को भी सम्मिलित किया गया है। आज सभी न्यायिक संहिताओं में महिला संबंधी अपराधों हेतु कई प्रावधान मौजूद हैं, उनके पूर्णरूपेण क्रियान्वयन की आवश्यकता है, ऐसे प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन एवं महिला संबंधी अपराधों में संलिप्त दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई हेतु भी अभाविप ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है।

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