Bihar MLC Election – पटना शिक्षक सीट पर बड़ा उलटफेर, 30 साल से MLC नवल किशोर यादव हारे, RJD के डॉ. संजीव कुमार जीते

पटना। बिहार विधान परिषद के पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव परिणाम ने सियासी समीकरणों को चौंका दिया है। करीब तीन दशक से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे भाजपा के विधान पार्षद नवल किशोर यादव को राजद उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने हरा दिया है। डॉ. संजीव कुमार ने करीब 900 वोटों से जीत का दावा किया है। हालांकि, जीत के आधिकारिक आंकड़ों और अंतिम परिणाम की पुष्टि चुनाव आयोग या प्रशासन की ओर से किए जाने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
इस परिणाम को भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, राजद खेमे में इसे शिक्षक समुदाय के बीच पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है।
डॉ. संजीव ने कहा- ‘शिक्षक समाज ने जवाब दे दिया’
मतगणना के बाद देर रात करीब तीन बजे मतगणना केंद्र से बाहर निकले डॉ. संजीव कुमार ने अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए नवल किशोर यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वे पहले से दावा करते रहे हैं कि शिक्षक समाज इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान करेगा और अब परिणाम सामने है।
डॉ. संजीव ने इसे ‘अधर्म पर धर्म की जीत’ बताते हुए नवल किशोर यादव के लंबे कार्यकाल पर सवाल उठाए। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सरकार पर भी लगाए गंभीर आरोप
डॉ. संजीव कुमार ने चुनाव के दौरान बिहार सरकार के तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ प्रशासनिक दबाव बनाया गया और बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं को तैयार किए जाने की कोशिश हुई।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद शिक्षकों ने उन्हें समर्थन दिया और उनकी जीत हुई। इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन या भाजपा प्रत्याशी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
बोले- आने वाले दिनों में बनेंगे नए राजनीतिक समीकरण
राजद उम्मीदवार ने कहा कि पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव केवल एक सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक राजनीतिक असर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
करीब 900 वोटों से जीत का दावा
डॉ. संजीव कुमार ने अपनी जीत का अंतर करीब 900 वोट बताया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक चुनाव परिणाम को लेकर निर्वाचन आयोग अथवा प्रशासन की ओर से अंतिम आधिकारिक घोषणा उपलब्ध नहीं थी।
नवल किशोर यादव के कई समर्थकों के मतगणना केंद्र से बाहर चले जाने की भी बात सामने आई है। अंतिम परिणाम और मतों का आधिकारिक आंकड़ा जारी होने के बाद ही जीत का अंतर पूरी तरह स्पष्ट होगा।



