पटना । बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में दरभंगा जिले के हायाघाट विधायक डॉ. रामचंद्र प्रसाद को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बुधवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा ने सामाजिक संतुलन साधते हुए संगठन से जुड़े सक्रिय नेताओं को मौका दिया।
तेली समाज से आने वाले डॉ. रामचंद्र प्रसाद को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने से मिथिलांचल क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने पिछड़े वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करने और मिथिलांचल में संगठन को और धार देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।
डॉ. रामचंद्र प्रसाद लगातार दूसरी बार हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए हैं। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भोला यादव को लगभग 11 हजार मतों से पराजित किया था। सादगीपूर्ण छवि और क्षेत्र में सक्रिय जनसंपर्क के कारण वे कम समय में भाजपा के प्रभावशाली क्षेत्रीय नेताओं में गिने जाने लगे।
विधानसभा पहुंचने से पहले भी वे स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2011 से 2016 तक जिला परिषद सदस्य के रूप में उन्होंने कार्य किया। इसके अलावा भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के तौर पर भी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया जाता है कि उनका जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से लंबे समय से रहा है।
उनकी पत्नी शीला देवी भी क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय हैं और वर्ष 2016 से जिला परिषद सदस्य हैं। स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि डॉ. रामचंद्र प्रसाद के मंत्री बनने से क्षेत्र के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी तथा मिथिलांचल की समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जा सकेगा।

