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कविता कानन

जिंदगी की परीक्षा
थक कर ना यूं बैठ, मंजिल पास है। चल चला चल चल, मुसाफिर जाना है। ये राहे जिंदगी की,…
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कविता कानन

सत्याग्रह
ईश्वर-अल्ला की, शुभ परिभाषा। सन्मति मिलने की जगी आशा। सत्याग्रह से जन जन जागा। बुन रहे सब चरखा चला धागा।…
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कविता कानन

“रश्मि”
॥जय श्री गुरूवे नमः॥ 🙏✍️ 💐 जो राम में मन रमा नहीं , जीवन सफल हुआ नहीं , तृष्णा में…
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कविता कानन

तिलचट्टा और चींटी
विधा:-लघुकथा शीर्षक:- तिलचट्टा और चींटी एक तिलचट्टा अपने परिवार के साथ भंडार घर के अंधेरे कोने में रहता था ।…
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कविता कानन

॥ लंका दहन ॥
रचना ॥ उदय किशोर साह ॥ मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार समुद्र लांघ महावीर पहुँचे श्रीलंका बजा दी अपनी…
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कविता कानन

लाल बहादुर शास्त्री
शास्त्री जी थे गुदरी के लाल आप थे भारत के भाग्य। आपने किया कमाल यह है हमलोगों का सौभाग्य। आपकी…
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कविता कानन

राष्ट्रनिर्माता बापू
भारत के उन्नायक कहलाए गांधी। कभी नहीं वे डरते चाहे हो आंधी। गांधी जी स्वर्णिम स्वप्न को किए थे साकार।…
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कविता कानन

यादें
आज भी है। आती मुझे तुम्हारी याद।। वो प्यारी सी बातें और वो हसीन रात।। खामोश होकर बैठे रहे…
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कविता कानन

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कविता कानन

मन के भाव
मैं नित नई एक कविता लिखती हूं, अपने मन के भाव लिखती हूं । ना तारीफ की आशा रखती…
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