कविता काननसाहित्य

लाल बहादुर शास्त्री

शास्त्री जी थे गुदरी के लाल
आप थे भारत के भाग्य।
आपने किया कमाल
यह है हमलोगों का सौभाग्य।
आपकी माता थी रामदुलारी
यह प्रजा के लिए थी हितकारी।
आपके पिता थे शारदा प्रसाद
इनकी भक्ति और श्रद्धा थी प्रसाद।
आप थे अद्भुत प्रतिभाशाली
आप किए भारत का निर्माण।
आप देशभक्त बनकर
भारतवर्ष को बनाया महान्।
आप शास्त्री की डिग्री लेकर
बनाए अपनी अमिट पहचान।
आगे रेलमंत्री व प्रधानमंत्री बनकर
भारतवर्ष हेतु बने वरदान।
लाल बहादुर शास्त्री की कीर्ति थी अमर
वे थे देश के कर्णधार।
सम्पूर्ण संसार उन्हें पूजता
वे थे भारत के अवतार।
उनकी यशोगान हमेशा रहेगी
गूंजती
जब तक रहेंगे शशि और नभ।
इनका नाम सदैव स्वर्णाक्षरों में रहेगा
जो बन जाएगा बिल्कुल सुलभ।
दुर्गेश मोहन (शिक्षक)
समस्तीपुर, बिहार

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