कभी हालात लिखता हूँ कभी जज़्बात लिखता हूँ
कभी हालात लिखता हूँ कभी जज़्बात लिखता हूँ,जो बातें दिल में होती हैं वही मैं बात लिखता हूँ! मैं खुद…
कभी हालात लिखता हूँ कभी जज़्बात लिखता हूँ,जो बातें दिल में होती हैं वही मैं बात लिखता हूँ! मैं खुद…
कौन है जो कातिल बनाने में लगा हैकौन है जो मुझे आजमाने में लगा है। वक्त का रेत फिसलते चला…
उठे स्वप्न छोड़ दी नाव समंदर में बस उड़ानें पाने के लिएखोज ली डूबके मोती समंदर से थाह ली जमाने…
सोमवार का है दिवस,श्री शंकर का वार।भक्तों कर लो वंदना,मिलकर सह परिवार।। भोले शंकर जी सदा,राखो मेरी आन।लघु श्रद्धा से…
तेरी आशिकी में जाना तुम्हें गजल लिख रहा हूं।तेरी सूरत को सारे सहर में वज्म में लिख रहा हूं। दिल…
मन किसी अज्ञात पीड़ामें चेतनाशून्य हो गया थामन का अंधकार रात्रिके उस गहनअंधकार में छटपटा रहा थाउस सूर्योदय कीप्रतीक्षा मेंअपार…