कविता कानन
-

किनारे
बिन मांझी चली नदिया पार,इक नए किनारे की ओर।मुख पर उदासी लिए चली,मन में विचारों का है शोर।निहारती पंछियों के…
Read More » -

सशस्त्र सेना झंडा दिवस विशेष झंडा दिवस
आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस हैसात दिसंबर उन्नीस सौ उनचास कोये मनाया गया था पहली बारतब से सशस्त्र सेना झंडा…
Read More » -

दूर चले जाओ
अच्छा सुनो तुम्हें जाना होतो जाओ।हमें वापिस क़ब्र तक छोड़ जाओ। झूठी जुबाँ झूठा प्यार भरोसे टीकारिश्ता हम से मैं…
Read More » -

अब हिंद के जवान जाग रे
तुझे पुकारती मातु भारती,अब हिंद के जवान जाग रे।ध्वजा तिरंगा बनो सारथी,गाओ राष्ट्र गीत शुभ राग रे। अरिमर्दन कर पाक…
Read More » आँखे चार करूँ
मैं अपनी वफ़ाओं की बात क्या करूँख्वाहिशें जला कर साबित क्या करूँ इस दुनियां में किस्मत से हमारे हीसब दुश्मन…
Read More »-

गज़ल
صرف اک بار محبت سے بتا دے مجھکوچاہے پھر جوڑے مجھے یا کہ گھٹا دے مجھکو کون جینے کی تمنا…
Read More » ओ रामजी, बड़ा दुःख दी ना
ओ रामजी, बड़ा दुःख दी ना तेरे इस कोरोना ने, बड़ा दुःख दी ना तेरे कोरोना ने, बड़ा दुःख दी…
Read More »-

मेरा सपना
सपने देखना अच्छी बात है,पर सपने खुली आँखों से देखिए। उन सपनों में आपका विश्वास भी होना चाहिये और पूरा…
Read More » -

बेटी बन जो आई मैं इस दुनिया में
बेटी बन जो आई मैं इस दुनिया मेंऐसा लगा पराई हूं मैं अपने ही घर में।सबने नाक और मुंह क्या…
Read More » -

बीत गया है बुरा जमाना
बीत गया है बुरा जमाना ,जब नारी शोषित होती थी ,ढोल,गंवार ,शुद्र ,पशु जैसी ,नारी प्रताड़ित होती थी ।कहलाती थी…
Read More »






