कविता कानन
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सावन में सोलह सिंगार पिया का इंतजार
लघु कथा अरे ऋतू दी !आप अभी तक तैयार नहीं हुई,चलिए न जल्दी से तैयार हो जाइयेमंदिर चलना है ,और…
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पायल में समन्वय-मंत्र
पायल की रुनझुन में, युग-मर्यादाके लिए मां सीता की स्वीकार्यता है. पायल की छम-छम में, कृष्ण-भक्तिभावयज्ञ की राधा-नाम चरितार्थता है.…
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अंगूर खट्टे हैं, “औकात” से बाहर भी: एक सत्य घटना
लेखक: डॉ सत्यप्रकाश आज अपने पास की एक हॉट में जाना हुआ, धर्मपत्नी जी के साथ सुबह सुबह… मेरी दिनचर्या…
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कभी धूप कभी छाँव
सुख दुःख है जीवन में ऐसे,जैसे होते धूप और छाँव।कभी मिलती मरहम ख़ुशियों की,तो कभी ग़मों के मिलते घाव।पर न…
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मोहभंग
बड़ी तेजी से उस के कदम घर की तरफ बढ़ रहेथे ।फिल्म ‘रघुवंशम्’देख कर घर लौट रहा था अमन।बहुत खुश…
Read More » कौन है जो कातिल बनाने में लगा है
कौन है जो कातिल बनाने में लगा हैकौन है जो मुझे आजमाने में लगा है। वक्त का रेत फिसलते चला…
Read More »उठे स्वप्न छोड़ दी नाव समंदर में बस उड़ानें पाने के लिए
उठे स्वप्न छोड़ दी नाव समंदर में बस उड़ानें पाने के लिएखोज ली डूबके मोती समंदर से थाह ली जमाने…
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हलफनामा
खामोशी का पैरहन ओढ़,लेटा हूँ दर्द के बिस्तर पर,दरकार है निंद के आगोश की,इंतज़ार है लहरों के उठने की,समंदर से…
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शिव वन्दना
सोमवार का है दिवस,श्री शंकर का वार।भक्तों कर लो वंदना,मिलकर सह परिवार।। भोले शंकर जी सदा,राखो मेरी आन।लघु श्रद्धा से…
Read More » तेरी आशिकी में जाना तुम्हें गजल लिख रहा हूं
तेरी आशिकी में जाना तुम्हें गजल लिख रहा हूं।तेरी सूरत को सारे सहर में वज्म में लिख रहा हूं। दिल…
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