साहित्यकविता कानन

मानव प्रेरणा के स्त्रोत,देखो प्रभु श्री राम हैं

मानव प्रेरणा के स्त्रोत,देखो प्रभु श्री राम हैं।
सृष्टि के निर्माणकर्ता सवयं,प्रभु श्री राम हैं।
धैर्य,धीरज,साहस,बुद्धि,जीवी प्रभु श्री राम हैं।
आदर्शवादी मर्यादा के,प्रतिक प्रभु श्री राम हैं।
जीव जन्तु के हृदय में निवास,करते प्रभु श्री राम हैं।
कण-कण में विराजमान जो,वह तो प्रभु श्री राम हैं।
सर्वज्ञानी सर्वगुण से सम्पन्न,वह तो प्रभु श्री राम हैं।
कौशल्या के जेयषठ पुत्र,शबरी के प्रभु श्री राम हैं।
स्वरचित एवं मौलिक रचना
“प्रभात गौर”

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