साहित्य

  • प्यारेलाल साहू

    अटल तुम सचमुच अटल थे

    अटल तुम सचमुच अटल थे।सियासत के कीचड़ में खिले कमल थे। माँ भारती के लाल बेमिसाल।पोखरण परमाणु परीक्षण कर,तूने कर…

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  • डॉ.इन्दु कुमारी

    हाजिर जवाबी अटल बिहारी

    देश की माटी ने दी सदाअमूल्य तोहफ़ा निशानीवीरता के परचम कोलहराते रहे हैं बलिदानीउन्हीं श्रेणी में लिखा हैनाम अटल बिहारी…

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  • सीमा वर्णिका

    नारी

    नारी तू नहीं मात्र शृंगार निमित्तलावण्यमय नाजुक लता सी कोमल ,सरस प्रेममयी भाव प्रधान चित्तशक्ति रूपेण तू गंगाजल सी धवल…

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  • मीरा मिश्रा

    अटल,एक व्यक्तित्व

    नगपति-से अचल व्यक्तित्व कामहत अवतरण -दिवस यह।उनका मानवता-प्रेम,सद्भाव,लोक कल्याण सन्देश वह। मृदुल, सरल, जो रखें, देश कीएकता,अखंडता से सरोकार।राष्ट्र एक…

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  • सुधीर श्रीवास्तव

    मदन मोहन मालवीय

    आ. मदनमोहन मालवीय जी (25.12.1861-12.11.1946) एक शिक्षा सुधारक, राजनीतिज्ञ ही नहीं महान भारतीय विद्वान, पत्रकार ,वकील और दूरगामी सोच के…

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  • प्यारेलाल साहू

    प्रभु तुम मिलने आओ

    मेरे पैरों में सामर्थ्य नहीं,जो द्वार तेरे पहुँच पाऊं।मेरी वाणी में शक्ति नहीं,जो गीत तेरे मैं गाऊं।। ये हाथ भी…

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  • नंदिनी लहेजा

    तुलसी

    घर के आंगन में तेरे रहती हूँ,नाम मेरा है तुलसी।कहते हैं सब कृष्णप्रिया मुझे,में तो हूँ उनकी दासी।क्यारी में जल…

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  • सुधीर श्रीवास्तव

    बाल बलिदानी

    बाल बलिदानियोंं को नमन बलिदानी सप्ताह की बात बताते हैंअमर बाल बलिदानियोंं कीइक छोटी सी कथा सुनाते हैं।जितना मुझको पता…

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  • चंचल जैन

    प्रणय बंधन

    लगे सुहानी धूप, ठंड का मौसम आया।खिले सुहासी रूप, मोहिनी कोमल काया।। दिखे दूर तक आज, कोहरा गगन बिछाया।चढ़े प्रेम…

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  • नीक राजपूत

    गुम हो जाता हूँ

    तुझे याद ऱखकर मैं सब भूल जाता हूँ।अपने ही अंदर कही गुम हो जता हूँ। जब तुम मेरी कविताएँ पढ़ती…

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